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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pradosh Vrat 2024: अगस्त के आखिर में रखा जाएगा प्रदोष व्रत, महादेव की कृपा के लिए गांठ बांध लें ये बातें

    Updated: Tue, 27 Aug 2024 07:12 PM (IST)

    प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय शुभ मुहूर्त में करने का विधान है। इससे साधक को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। इसी तरह प्रदोष व्रत के और भी कई नियम है ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2024 प्रदोष व्रत पर ध्यान रखें ये बातें।
    Pradosh Vrat 2024 प्रदोष व्रत पर ध्यान रखें ये बातें।

    HighLights

    1. अगस्त के आखिर में किया जाएगी शनि प्रदोष व्रत।
    2. इस दिन विशेष रूप होती है भगवान शिव की पूजा।
    3. प्रदोष व्रत पर नियमों का ध्यान रखने से मिलता है लाभ।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है, जिसमे से एक शुक्ल पक्ष में पड़ती है और दूसरी कृष्ण पक्ष में। जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में व्याप्त होती है, उसी दिन प्रदोष व्रत करने का विधान है। इस तिथि को महादेव की कृपा प्राप्ति के लिए बहुत ही उत्तम माना गया है। यदि आप भी प्रदोष व्रत करते हैं, तो इन नियमों का ध्यान जरूर रखें।

    शनि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2024 Shubh Muhurat)

    भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 31 अगस्त 2024 को मध्य रात्रि 02 बजकर 25 मिनट पर शुरू हो रही है। साथ ही इस तिथि का समापन 01 सितंबर को प्रातः 03 बजकर 40 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय की जाती है। ऐसे में भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत शनिवार, 31 अगस्त को किया जाएगा। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि प्रदोष व्रत भी कहा जाएगा। इस दौरान शिव जी की पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -

    प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त - शाम 06 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 59 मिनट तक

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    प्रदोष व्रत के नियम (Pradosh Vrat Ke Niyam)

    • प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए और किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार मन में नहीं लाने चाहिए।
    • प्रदोष व्रत के पूरे दिन उपवास रखा जाता है। इस दिन निर्जला उपवास करना और भी फलदायी होता है।
    • शाम के समय में पुनः भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के बाद ही फलाहार से अपना व्रत खोलना चाहिए।
    • प्रदोष व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
    • इस दिन सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
    • इस दिन स्वच्छता का ध्यान रखें और पूर्ण-ब्रह्मचर्य का पालन करें।
    • चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के बाद भोजन ग्रहण करें यानी व्रत का पारण करें।
    • प्रदोष व्रत के दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस, मसूर, उड़द, तंबाकू और मदिरा आदि से दूरी बनानी चाहिए।
    • इस दिन नाखून, बाल या दाढ़ी बनवाना भी वर्जित है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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