Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    घर में रहता है क्लेश और कंगाली, कहीं आपकी कुंडली में तो नहीं पितृ दोष?

    Updated: Tue, 05 May 2026 12:18 PM (IST)

    वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पितृ दोष पितरों की नाराजगी से होता है, जिसके कारण जीवन में कई परेशानियां आती हैं जैसे क्लेश और आर्थिक तंगी।। ...और पढ़ें

    कैसे पाएं पितृ दोष से मुक्ति? (AI Generated Image)

    कैसे पाएं पितृ दोष से मुक्ति? (AI Generated Image) 

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष और धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ दोष पितरों की नाराजगी से लगता है। ऐसा माना जाता है कि पितृ दोष की वजह से व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। क्या आप जानते हैं कि आखिर किस गलती से लगता है पितृ दोष। अगर नहीं पता, तो चलिए आपको बताते हैं कि पितृ दोष की वजह के बारे में।

    pitru dosh ke upay  (1)

    (AI Generated Image) 

    पितृ दोष के कारण

    • अगर आपके परिवार में किसी की मृत्यु के बाद उनका विधिपूर्वक अंतिम संस्कार नहीं किया गया है, तो इससे परिवार के सदस्यों को पितृ दोष की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और कामों में सफलता नहीं मिलती है।
    • इसके अलावा किसी पूर्वज का पितृ पक्ष के समय श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान नहीं किया है, तो ऐसे में पितृ दोष लगता है। इससे घर में क्लेश की समस्या बनी रहती है और कर्ज बना रहता है। साथ ही घर में बिना किसी वजह अशांति रहती है।
    • अगर किसी की अकाल मृत्यु हुई है और उसका विधिपूर्वक अनुष्ठान नहीं किया गया है, तो ऐसे में परिवार के सदस्यों को पितृ दोष की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और कारोबार में सफलता नहीं मिलती है।
    • धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल, बरगद जैसे पवित्र पेड़ों को काटने से भी कुंडली में पितृ दोष लगता है, जिसकी वजह से संतान सुख में कमी होती है और आर्थिक तंगी की समस्या हमेशा बनी रहती है।

    पितृ दोष के उपाय

    • पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पेड़ में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और शिव) और पितरों का वास माना जाता है। शनिवार के दिन पेड़ की जड़ में थोड़ा दूध मिलाकर अर्पित करें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 5 या 7 बार पेड़ की परिक्रमा लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष दूर होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
    • पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों की मृत्यु तिथि के दिन पूर्वजों का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष दूर होता है और पितरों की कृपा बरसती है।

    यह भी पढ़ें- मृत्यु के बाद न हो 'तेरहवीं' तो क्या होता है? गरुड़ पुराण के अनुसार बिना इसके यमलोक नहीं जा पाती आत्मा

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।