11 सितंबर को है पिठोरी अमावस्या, पितृ दोष से मुक्ति दिला सकते हैं ये उपाय
पिठोरी अमावस्या 11 सितंबर को मनाई जाएगी, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पितृ दोष से मुक्ति ...और पढ़ें

पितृ दोष से मुक्ति कैसे पाएं। (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि बहुत महत्वपूर्ण बताई गई है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या भी खास होती है। इसे पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस वर्ष यह अमावस्या 11 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। खासतौर पर अगर किसी के ऊपर पितृ दोष लगया हुआ है, तो उसके प्रभाव भी इस दिन किए गए कुछ उपायों से दूर हो सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पिठोरी अमावस्या पर श्रद्धा से किए गए उपायों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से जुड़ी परेशानियां कम हो जाती हैं। यदि आपकी कुंडली में भी पितृ दोष है, तो आप भी इन उपायों को अपना सकते हैं।
पितरों को दें तर्पण
पिठोरी अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद एक तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें कुशा और काले तिल मिलाएं। अभिजीत मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों का ध्यान करें और श्रद्धापूर्वक उन्हें जल अर्पित करें। तर्पण करते समय अपने पितरों का नाम लेकर उनका स्मरण करना न भूलें। इस तरह से तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है।
पीपल के पेड़ की करें पूजा
पिठोरी अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
इस दिन पीपल के पांच पत्ते लें और उन पर पांच प्रकार की मिठाइयां रखें। इसके बाद पितरों का स्मरण करते हुए उनकी पूजा करें। मान्यता है कि पूजा के बाद इन मिठाइयों को घर वापस नहीं लाना चाहिए, बल्कि वहीं पर किसी पशु पक्षी के खाने के लिए छोड़ देना चाहिए।
गाय को खिलाएं रोटी और गुड़
पितरों की शांति के लिए पिठोरी अमावस्या पर गाय को भोजन कराना बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है। ऐसा माना गया है कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। इस दिन गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं। भोजन कराते समय मन में अपने पितरों का स्मरण करें और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करें।
कौवे और पक्षियों को डालें अन्न
पिठोरी अमावस्या के दिन कौवे और अन्य पक्षियों को भोजन कराना भी बहुत अच्छा माना जाता है। घर की छत या किसी खुले स्थान पर चावल, अन्न या अन्य सात्विक भोजन पक्षियों के लिए रखें। मान्यता है कि कौवे को भोजन कराने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
दान-पुण्य करें
इस अमावस्या पर जरूरतमंद लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन, कपड़े, अनाज या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करें। दान करते समय मन में किसी तरह का अहंकार न रखें और श्रद्धा के साथ मन में अपने पितरों को याद करें।
अतः पितृ दोष के प्रभाव को कम करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अपने पितरों का श्रद्धा के साथ स्मरण करें और उनके नाम से लोगों को और जानवरों को भोजन कराएं।
यह भी पढ़ें- भाद्रपद अमावस्या पर सूर्य-चंद्रमा के दुर्लभ मिलन से भाग्य के खुलेंगे द्वार, ग्रहों के अशुभ प्रभाव होंगे दूर
यह भी पढ़ें- 10 या 11 सितंबर? पिठोरी अमावस्या पर स्नान-दान के लिए कौन-सा दिन उत्तम, यहां करें चेक
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है
