Paush Month 2025: पौष महीने में क्यों नहीं होते मांगलिक काम? पढ़ें इससे जुड़ी कथा और वजह
पौष माह (Paush Month 2025) में खरमास के कारण विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। इस महीने में मांगलिक काम न होने को ले ...और पढ़ें

Paush Month 2025: पौष महीने से जुड़ी बातें।
HighLights
पौष महीने की शुरुआत 5 दिसंबर 2025 से हो चुकी है
यह 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा को समाप्त होगा
16 दिसंबर से खरमास की भी शुरुआत हो जाएगी
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Paush Month 2025: पौष महीने की शुरुआत 5 दिसंबर 2025 से हो चुकी है। वहीं यह 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा को समाप्त होगा। इसके साथ ही पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर से खरमास की भी शुरुआत हो जाएगी। धार्मिक दृष्टि से शुभ होने के बाद भी इस पूरे महीने में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे सभी मांगलिक काम वर्जित माने जाते हैं। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यताएं हैं?

खरमास का प्रभाव
पौष महीने में मांगलिक काम न होने की सबसे बड़ी वजह इस अवधि में खरमास यानी धनु संक्रांति का पड़ना है। पौष माह की शुरुआत में सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे 'धनु संक्रांति' कहा जाता है। धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। जब सूर्य गुरु की राशि में प्रवेश करते हैं, तो ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य का तेज इतना अधिक होता है कि वह गुरु के तेज को कम कर देता है। कहा जाता है कि विवाह और अन्य शुभ कामों में गुरु और शुक्र की मजबूत स्थिति जरूरी होती है। गुरु के कमजोर होने से, इस अवधि में किए गए शुभ कामों का फल अच्छा नहीं मिलता और वे रिश्ते सफल नहीं होते हैं। यही वजह है कि इस दौरान शुभ काम नहीं होते हैं।
पौराणिक कथा और मान्यता
पौराणिक कथाओं में खरमास को लेकर एक कथा बहुत प्रचलित है। एक बार सूर्य देव अपने सात घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड का चक्कर लगा रहे थे। इस यात्रा से उनके घोड़े थककर पानी पीने और आराम करने के लिए रुक गए। सूर्य देव ने घोड़ों को आराम देने के लिए उन्हें एक तालाब के किनारे छोड़ दिया।
रथ को खींचने के लिए उन्होंने गधों (खर) को जोड़ा। गधे बहुत धीमी गति से चल रहे थे, जिससे सूर्य की गति काफी धीमी हो गई। इस मंद गति और घोड़े के स्थान पर गधे के कारण, इस महीने को खरमास कहा जाने लगा और इसे शुभ कामों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
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गलती से न करें ये काम
- विवाह - विवाह करने से वैवाहिक रिश्तों में खटास आती है।
- गृह प्रवेश - नए घर में प्रवेश करने से घर में सुख-शांति नहीं रहती और दरिद्रता आती है।
- नया व्यवसाय - नया काम शुरू करने से उसमें सफलता नहीं मिलती और अक्सर हानि उठानी पड़ती है।
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