Mahashivratri पर भोलेनाथ की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, उपवास में क्या खाएं और क्या नहीं?
महाशिवरात्रि 2026 पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखना एक प्राचीन परंपरा है। लेकिन, क्या ...और पढ़ें

Mahashivratri Vrat Rules 2026: महाशिवरात्रि 2026

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाशिवरात्रि (MahaShivratri) का पर्व हर शिव भक्त के लिए साल का सबसे बड़ा और पवित्र दिन होता है। साल 2026 में भी महाशिवरात्रि पर भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए उपवास रखेंगे। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से किया गया व्रत न केवल शरीर को शुद्ध करता है, बल्कि मानसिक शांति (Mental Peace) और भगवान शिव (Bhagwan Shiva) का आशीर्वाद भी दिलाता है। हालांकि, व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसे सही नियमों और खान-पान के साथ किया जाए।
अक्सर भक्तों के मन में यह सवाल रहता है कि फलाहार में क्या शामिल करें और किन चीजों से दूरी बनाएं। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि व्रत से जुड़े जरूरी नियम।
महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं? (Fasting Rules)
महाशिवरात्रि का व्रत मुख्य रूप से फलाहारी होता है। इसमें ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो सात्विक हों और शरीर को ऊर्जा दें।
धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान फलों का सेवन सबसे उत्तम माना गया है। आप सेब, केला, संतरा, अनार और पपीता जैसे फल खा सकते हैं। ये न केवल भूख को शांत रखते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड भी रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी दूध और दूध से बनी चीजें जैसे दही, मखाना खीर, पनीर और खोया का सेवन किया जा सकता है। ये चीजें ऊर्जा का अच्छा स्रोत हैं।
अगर आप एक समय भोजन करना चाहते हैं, तो रत्न और व्रत के मुताबिक, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और समा के चावल का उपयोग किया जा सकता है। ध्यान रहे कि इनमें साधारण नमक के बजाय केवल सेंधा नमक का ही प्रयोग करें। सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट और काजू भी खाए जा सकते हैं।

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भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन
व्रत का अर्थ है संयम, इसलिए कुछ चीजों का परहेज करना अनिवार्य है।
पौराणिक ग्रंथों और परंपराओं के मुताबिक, महाशिवरात्रि के व्रत में अनाज का सेवन पूरी तरह वर्जित है। गेहूं, चावल, बेसन और मैदा जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि इन्हें तामसिक माना जाता है और ये ध्यान-भक्ति में बाधा डालते हैं।
इसके अलावा, सफेद नमक के बजाय हमेशा सेंधा नमक ही चुनें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दिन मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन महापाप माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, व्रत के दौरान बहुत अधिक तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आलस्य बढ़ता है और आप पूजा-पाठ में मन नहीं लगा पाते।
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