Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mahabharata Story: दुर्योधन की चाल से भीम को मिला हजारों हाथियों का बल, जानिए पौराणिक कथा

    Updated: Thu, 10 Apr 2025 01:54 PM (IST)

    महाभारत ग्रंथ (Mahabharat Katha) हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना गया है। इस ग्रंथ में ऐसी कई कथाएं मिलती हैं जो किसी भी व्यक्ति को हैरत में डाल ...और पढ़ें

    Mahabharata Story दुर्योधन ने चली थी ये चाल।
    Mahabharata Story दुर्योधन ने चली थी ये चाल।

    HighLights

    1. वेदव्यास द्वारा रचित है महाभारत ग्रंथ।
    2. मिलता है कई अद्भुत कथाओं का वर्णन।
    3. महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक हैं भीम।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। द्वापर युग में पांडवों और कौरवों के बीच एक भीषण युद्ध लड़ा गया था, जिसे हम सभी महाभारत युद्ध के नाम से जानते हैं। पांच पांडवों में से एक भीम को लेकर यह कहा जाता है कि उनमें 10 हजार हाथियों का बल था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें यह बल कैसे मिला। अगर नहीं, तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

    दुश्मनी का भाव रखता था दुर्योधन

    महाभारत में वर्णित कथा के अनुसार, दुर्योधन भीम से बचपन में ही बहुत ईर्ष्या करता था, क्योंकि भीम सभी खेलों में कौरवों को हरा देते थे। जब दुर्योधन ने सभी पांडवों समेत भीम को गंगा तट पर खेलने के लिए बुलाय। दुश्मनी की भावना के चलते दुर्योधन ने भीम के खाने में जहर मिला दिया, जिस कारण भीम अचेत हो गए। मौका पाकर दुर्योधन ने अपने भाई दु:शासन के साथ मिलकर भीम को गंगा में फेंक दिया।

    जहर का असर हुआ कम

    भीम अचेत अवस्था में ही नदी के द्वारा नागलोक पहुंच गए। जब भीम को होश आया, तो उन्होंने पाया कि वह भयंकर सांपों से घिरे हुए हैं। सांपों के काटने के कारण भीम के शरीर से जहर का असर कम हो गया था। उन्होंने सांपों को मारना शुरू कर दिया, जिससे डरकर सभी सांप नागराज वासुकी के पास गए और उन्हें पूरी बात बताई। तब नागराज वासुकि, आर्यक नाग के साथ भीम के पास पहुंचे।

    यह भी पढ़ें - Mahabharat: आखिर क्यों भगवान कृष्ण ने शिशुपाल को दी थी 100 अपराध करने की छूट?

    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    आर्यक नाग के कारण मिला बल

    तब आर्यक नाग भीम को पहचान गए और उनसे नागलोक आने की वजह पूछी। तब भीम ने उन्हें सारी बात बताई, जिसके बाद उन्होंने भीम को कुंडों का रस पिलाया था, जिसमें 10 हजार हाथियों का बल था। जब भीम वापस लौटा तो दुर्योधन को बहुत ही आश्चर्य हुआ।

    खबरें और भी

    पांडव भी भीम को वापस आते हुए देखकर काफी खुश थे और यह महसूस कर सकते थे कि भीम अब पहले से अधिक बलवान नजर आ रहे हैं। सभी अचरज में पड़ गए कि यह चमत्कार कैसे हुआ।

    यह भी पढ़ें - Hanuman Janmotsav पर बजरंगबली जी के सामने जलाएं इस बत्ती का दीपक, होगा सभी संकटों का नाश

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।