Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    शादी से पहले कुंडली में जरूर देखें वर-वधू का 'गण', देव, मनुष्य और राक्षस के मेल से कैसा रहता है दांपत्य जीवन

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 12:38 PM (IST)

    शादी से पहले कुंडली मिलान में 'गण' का विशेष महत्व है। देव, मनुष्य और राक्षस गण का आपस में सही मेल दांपत्य जीवन में सुख, शांति और सामंजस्य लाता है। ...और पढ़ें

    देव, मनुष्य और राक्षस गण का वैवाहिक जीवन पर प्रभाव। (Picture Credit- AI Generated)

    देव, मनुष्य और राक्षस गण का वैवाहिक जीवन पर प्रभाव। (Picture Credit- AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शादी के वक्‍त कुंडली मिलान को बहुत अधिक महत्‍वपूर्ण माना गया है। कुंडली मिलाने के मतलब है कि लड़का और लड़की के गुण कितने मिल रहे हैं, कहीं किसी दोष के कारण उनकी शादी में कोई रुकावटें तो नहीं हैं, राशि मिलान आदि कई औपचारिकताओं को पूरा करना होता है। लेकिन कुंडली मिलान के वक्त वर और वधू का गण मिलान होना भी बहुत जरूरी होता है।

    गण ही तय करता है कि शादी के बाद दोनों का जीवन कैसा रहेगा। दरअसल, हर किसी की कुंडली में अलग गण होता है। गण पर ही व्‍यक्ति का स्‍वभाव निर्भर करता है। तो चलिए जानते हैं कुंडली में गण का महत्‍व, स्‍वभाव और इनके मेल का प्रभाव।

    कुंडली में गण का महत्‍व

    किसी व्यक्ति की कुंडली में गण का संबंध उस व्यक्ति के स्वभाव, मानसिक प्रवृत्ति और आचरण से होता है। कुंडली में तीन प्रकार के गण बताए गए हैं। देवता, मनुष्य और राक्षस। जन्म के समय चंद्रमा किस नक्षत्र में मौजूद है, इस आधार पर तय होता है कि व्यक्ति किस गण से संबंध रखता है। देव गण, मनुष्य गण या राक्षस गण। हालांकि, गण का प्रभाव व्यक्ति के संपूर्ण जीवन पर पड़ता है, मगर सबसे ज्यादा इसका असर वैवाहिक जीवन पर देखने को मिलता है।

    गण और उनका स्‍वभाव

    देव गण

    यदि कोई व्‍यक्ति देव गण का है, तो उसका स्‍वभाव बहुत ही धार्मिक होगा। ऐसे लोगों की ईश्‍वर पर अटूट आस्‍था होती है। ये लोग बहुत ही दयालु प्रवृत्ति के होते हैं। किसी का दुःख इनसे नहीं देखा जाता है। इसके साथ-साथ ये लोग व्‍यवहार में गंभीर और शांत होते हैं। किसी के लिए कुछ करने के बाद उसका प्रचार करना इन्‍हें पसंद नहीं होता है।

    खबरें और भी

    मनुष्‍य गण

    मनुष्य गण के लोग बहुत ही व्यावहारिक होते हैं। इन्हें सामाजिक रूप से सभी से जुड़कर रहना अच्छा लगता है। इनके अंदर महत्वाकांक्षा भी बहुत होती है। किसी चीज को पाने के लिए यह मेहनत करना पसंद करते हैं। सुख और दुख का इन्हें सामान्य अनुभव होता है।

    राक्षस गण

    ये लोग स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। इनकी ऊर्जा बहुत उग्र होती है। गुस्सा इनकी नाक पर बैठा होता है। भगवान के भक्त ये भी होते हैं, मगर इनकी भक्ति में लालच होता है। जो चीज ये लोग पाना चाहते हैं, उसे हासिल करने के लिए किसी भी हद से गुजर सकते हैं।

    गण के मेल का प्रभाव

    कुंडली मिलान में वर-वधू के अलग-अलग गण के मिलान का उनके वैवाहिक जीवन पर निम्‍नलिखित असर पड़ सकता है।

    देव गण और देव गण

    इसे अच्छा मेल माना जाता है। दोनों के स्वभाव में शांति, प्रेम और समझ देखने को मिल सकती है। आपसी सहयोग के कारण वैवाहिक जीवन सुखद और शांतिपूर्ण रहने की संभावना रहती है।

    मनुष्य गण और मनुष्य गण

    यह सामान्य से अच्छा मेल माना जाता है। दोनों व्यावहारिक सोच रखते हैं और जीवन की परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। इससे रिश्ते में संतुलन बनाए रखना आसान हो सकता है।

    राक्षस गण और राक्षस गण

    इस मेल में दोनों के स्वभाव में दृढ़ता और उग्रता हो सकती है, इसलिए वे एक-दूसरे को समझ सकते हैं। हालांकि, जिद और अहंकार के कारण कभी-कभी मतभेद बढ़ सकते हैं।

    देव गण और मनुष्य गण

    यह सामान्य मेल माना जाता है। दोनों के स्वभाव में अंतर होने के बावजूद समझ और तालमेल से रिश्ता अच्छी तरह चल सकता है।

    देव गण और राक्षस गण

    इस मेल में एक दूसरे के स्‍वभाव में काफी अंतर होता है। इससे विचारों में मतभेद और आपसी तनाव की स्थिति बन सकती है।

    मनुष्य गण और राक्षस गण

    यह मेल चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं और स्वभाव को समझना जरूरी होता है।

    अतः जब भी शादी के लिए कुंडली मिलाई जाए, तो गण मिलान जरूर किया जाना चाहिए।

    यह भी पढ़ें- क्या आपकी कुंडली में राजयोग? जानिए कैसे बनता है जीवन बदलने वाला पंच महापुरुष योग

    यह भी पढ़ें- करियर में बाधा और पिता से अनबन? कुंडली में सूर्य हो सकता है कमजोर, इन संकेतों से अभी करें पहचान

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।