Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    31 अगस्त को है कजरी तीज, किन महिलाओं को नहीं रखना चाहिए यह व्रत? पढ़ें विशेष नियम

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 04:00 PM (IST)

    कजरी तीज का पर्व 31 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा, जिसमें सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, गंभीर बीमारी या गर्भावस् ...और पढ़ें

    कजरी तीज व्रत के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    कजरी तीज व्रत के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। कजरी तीज को बड़ी तीज या सतूड़ी तीज भी कहते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार कजरी तीज व्रत 31 अगस्त को किया जाएगा।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार, कजरी तीज का व्रत कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाओं को नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस व्रत को निर्जला किया जाता है। ऐसे में आइए इस लेख में आपको बताते हैं कि कजरी तीज का व्रत किन महिलाओं को करने से बचना चाहिए।

    kajari teej 2026 (2)

    (Picture Credit- AI Generated)

    किन महिलाओं को नहीं करना चाहिए कजरी तीज का व्रत?

    अगर कोई महिला किसी गंभीर बीमारी से परेशान है या फिर गर्भवती है, तो उन्हें कजरी तीज का व्रत नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह व्रत निर्जला किया जाता है। ऐसी स्थिति में व्रत करने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इस व्रत के दौरान कठिन नियम का पालन करना पड़ता है।

    कब है कजरी तीज 2026? (Kajri Teej 2026 Date and Time)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 30 अगस्त को सुबह 09 बजकर 36 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 31 अगस्त को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, कजरी तीज का पर्व 31 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- अगस्त-सितंबर में मनाई जाएगी हरियाली, कजरी और हरतालिका तीज; सुहागिनें शुरू कर दें व्रत की तैयारियां

    इन बातों का रखें ध्यान

    • इस व्रत के दौरान पूरे दिन और रात भर अन्न और जल का त्याग किया जाता है।
    • अगले दिन स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना करें और सात्विक भोजन से व्रत का पारण करें।
    • व्रत के दौरान किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। साथ ही मन में किसी के बारे में गलत न सोचें।
    • इस दिन सुहागिन महिलाओं को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
    • कजरी तीज के दिन सुहागिन महिलाओं को सोलह श्रृंगार जरूर करना चाहिए। इस दिन सोलह श्रृंगार करने का अधिक महत्व है।
    • इस दिन हरे या लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
    • काले या सफेद रंग के कपड़े और चूड़ियां पहनना पूरी तरह से वर्जित है।

    यह भी पढ़ें- हरतालिका तीज 2026: किन 4 महिलाओं को नहीं रखना चाहिए यह निर्जला व्रत? जानें क्या कहते हैं शास्त्र

    यह भी पढ़ें- सावन में कब है शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी और रक्षा बंधन? यहां देखें व्रत और त्योहार की पूरी लिस्ट

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।