विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रेमानंद महाराज के अनुसार सच्चे दोस्त की क्या पहचान है? जानिए दोस्ती की ये 4 बड़ी बातें

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:15 AM (IST)

प्रेमानंद महाराज ने सच्चे दोस्त की पहचान बताई है, जिसमें निस्वार्थ प्रेम और त्याग की भावना जरू है। उन्होंने बताया ...और पढ़ें

प्रेमानंद महाराज सच्चे दोस्त पहचानने के विषय

प्रेमानंद महाराज सच्चे दोस्त पहचानने के विषय

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दोस्ती एक ऐसा सुंदर रिश्ता है जो भले ही खून से न जुड़ा हो, लेकिन निभाया दिल से जाता है। आज के समय में सच्चे और अच्छे दोस्तों की पहचान करना बेहद मुश्किल है। कई बार हम जिस पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते, बाद वहीं हमारे विश्वासघात का कारण बनता है।

जो दोस्त दोस्ती के नाम पर आपको गलत काम करने के लिए प्रेरित करें, आपकी बुरी आदतों को 'कूल' बताकर बढ़ावा दे, आपके गलत फैसले में भी मौन रहे, क्या सच में वो आपका अच्छा चाहता है?

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज जी ने एक सच्चे और अच्छे दोस्त की पहचान करनी सिखाई है। महाराज जी द्वारा बताए गए ये लक्षण दोस्ती के विषय में आपकी आंखें खोल देंगे।

सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें?

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि, एक सच्चे दोस्त की पहचान उसका आपके प्रति निस्वार्थ प्रेम और त्याग की भावना होनी चाहिए। आप जीवन में किसी भी मुश्किल परिस्थिति में फंसे तो दोस्त का कर्तव्य बनता है कि वो सही मार्गदर्शन प्रदान करें।

गलत आचरण न अपनाएं- महाराज जी कहते हैं जब तक आपका विवाह न हो जाए, प्रत्येक बालक-बालिका को पवित्र रहना चाहिए। दोस्त आपको किसी लड़की या लड़के के प्रति गलत व्यवहार करने या गलत शब्द बोलने के लिए प्रेरित न करें।

अब जो दोस्त आपको बुरी संगत, नशा या वासनाओं के प्रति धकेले वो आपका अच्छा दोस्त कैसे हो सकता है? ऐसे लोग दोस्त नहीं असल में दुश्मन होते हैं, जो आपके अच्छे आचरण को भ्रष्ट करने का काम करते हैं।

सच्चा दोस्त आपकी कमियों पर पर्दा नहीं डालता- प्रेमानंद महाराज

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि, सच्चा दोस्त आपकी कमियों पर पर्दा डालने का काम नहीं करता है। वह बिना डर और संकोच के आपको सच कहता है, भले ही ये सुनने में आपको कड़वा लग सकता है।

एक सच्चा दोस्त वही है, जो अपने साथ-साथ सभी का सम्मान करना सिखाए। जो आपको गलत काम या दिशा में जाने से रोकें।

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि, अगर आप सच्चे दोस्त की पहचान करना सीख जाए और सोच-समझकर दोस्त चुनें, तो धीरे-धीरे आप उनकी सही सलाह और सहयोग से खुद को बेहतर बना पाएंगे। कई बार हमें पता नहीं चलता है कि हम रास्ता भटक रहे हैं।

भले ही सच्चा दोस्त हमें ऐसी बातें बताए जो हमे सुनना न पसंद करें, फिर भी वह हमें सही निर्णय लेने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इसलिए आज की स्वार्थी दुनिया में दोस्त बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें।

यह भी पढ़ें- खाना खाते समय मोबाइल देखना सही या गलत? प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कैसे अन्न बदलता है आपके विचार

यह भी पढ़ें- प्रेमानंद महाराज ने बताया गणेश विसर्जन का सही तरीका, कहा- अपमानजनक विदाई बनती है दुर्गति का कारण

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।