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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hartalika Teej 2025 Date: 25 या 26 अगस्त, कब है हरतालिका तीज, जानिए शुभ मुहूर्त और जरूरी बातें

Published: Fri, 08 Aug 2025 10:33 AM (IST)Updated: Fri, 15 Aug 2025 12:41 PM (IST)

हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2025) का पर्व विशेष महत्व माना जाता है जो माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने के ...और पढ़ें

Hartalika Teej 2025 मां गौरी की कृपा के लिए खास है हरतालिका तीज।
Hartalika Teej 2025 मां गौरी की कृपा के लिए खास है हरतालिका तीज।

HighLights

  1. भाद्रपद शुक्ल तृतीया पर मनाई जाती है हरतालिका तीज।
  2. महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती है यह व्रत।
  3. पार्वती जी और भगवान शिव की पूजा से मिलते हैं अच्छे परिणाम।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक वर्ष भाद्रपद शुक्ल तृतीया पर हरतालिका तीज (Hartalika Teej 2025 Date) का व्रत किया जाता है। इस व्रत की पूजा में महिलाएं भगवान शिव व माता पार्वती की रेत या मिट्टी की मदद से एक मूर्ति बनाती हैं और उसकी पूजा-अर्चना करती हैं।

साथ ही सुखी वैवाहिक जीवन और संतान की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन में भी प्रेम बना रहता है। चलिए जानते हैं कि इस साल यह पर्व कब मनाया जाएगा।

हरतालिका तीज मुहूर्त (Hartalika Teej shubh muhurat)

भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारम्भ 25 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट पर हो रहा है। साथ ही इस तिथि का समापन 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, हरतालिका तीज का पर्व मंगलवार, 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन गौरी-शंकर की पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -

हरितालिका पूजा मुहूर्त - प्रातः 5 बजकर 56 मिनट से सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक

(Picture Credit: Freepik) (AI Image)

गौरी-शंकर पूजा विधि (Shiv-Parvati Puja)

हरतालिका तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के पश्चात् साफ-सुथरे विशेषकर हरे या लाल रंग के वस्त्र पहनें। शुभ मुहूर्त में पूजा स्थान पर चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और स्वयं द्वारा बनाई गई माता पर्वती, भगवान शिव और गणेश जी की मिट्टी की मूर्ति स्थापित करें।

सबसे पहले गणेश जी का विधिवत पूजन करें और इसके बाद गौरी-शंकर की विधि-विधान से पूजन करें। पूजा में मां गौरी को 16 शृंगार की सामग्री अर्पित करें और हरतालिका तीज व्रत कथा जरूर सुनें। आप पूजा में इन मंत्रों का जप भी कर सकते हैं -

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पार्वती जी के मंत्र -

1. ओम पार्वत्यै नमः

ओम उमाये नमः

2. या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

3. मां पार्वती को सिंदूर चढ़ाने का मंत्र - सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।

4. मनचाहे वर के लिए मंत्र - गण गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।