12 अगस्त को मनेगा हरियाली अमावस्या का पर्व, यहां पढ़ें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को मनाई जाएगी, जो महादेव की कृपा और पितरों के तर्पण के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन वृक्षारोपण, शिव-पार्वती पूजा और पितृ दोष ...और पढ़ें

हरियाली अमावस्या का धार्मिक महत्व (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।
पितरों का तर्पण और महादेव की पूजा का विशेष महत्व।
वृक्षारोपण और पितृ दोष निवारण के लिए शुभ दिन।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन के महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हुई है। यह महीना महादेव की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस माह में कई पर्व मनाए जाते हैं, जिनमें हरियाली अमावस्या का पर्व भी शामिल है।
इस खास अवसर पर पितरों का तर्पण और महदेव की पूजाा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और शिव जी की साधना करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं हरियाली अमावस्या की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।
हरियाली अमावस्या 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Hariyali amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 22 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 12 अगस्त को 12 बजकर 36 मिनट पर होगा। ऐसे में 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी।
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(Picture Credit- AI Generated)
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 36 मिनट से 05 बजकर 21 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 56 मिनट से 07 बजकर 18 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- रात 09 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 06 मिनट तक
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हरियाली अमावस्या का धार्मिक महत्व
हरियाली अमावस्या के अवसर पर पेड़-पौधे लगाना अधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन सुबह स्नान करने के बाद देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव दूर होता है।
इसके अलावा इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिव की साधना करने से जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और महादेव की कृपा प्राप्त होती है।
हरियाली अमावस्या के दिन पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पितरों का तर्पण और श्राद्ध जरूर करना चाहिए। इससे पितृ दोष की समस्या दूर होती है।
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