गरुड़ पुराण के ये हैं 4 प्रमुख कर्म, जो आपके शरीर को बनाते हैं स्वस्थ और बेहद सुंदर
गरुड़ पुराण में स्वस्थ और सुंदर शरीर पाने के लिए चार प्रमुख कर्मों का उल्लेख किया गया है। इनमें सात्विक भोजन, दया-सेवा भाव, माता-पिता का सम्मान और सत् ...और पढ़ें
-1781674743285_m.webp)
गरुड़ पुराण: कैसे पाएं आकर्षक रूप? (Image Source: AI-Generated)
HighLights
सात्विक भोजन अपनाकर शरीर को निरोगी और शुद्ध रखें
दया और सेवा भाव से पाएं रोगमुक्त व स्वस्थ जीवन
माता-पिता, गुरुजनों का सम्मान कर दीर्घायु प्राप्त करें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर इंसान की चाहत होती है कि वह जीवन में सदैव बीमारियों से मुक्त रहे और दिखने में सुंदर हो। इसके लिए कई लोग महंगी डाइट फॉलो करते हैं, लेकिन इसके बाद भी उनको एक मुक्त जीवन नहीं मिलता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म का महत्वपूर्ण ग्रंथ गरुड़ पुराण में एक आकर्षक व्यक्ति बनने का रहस्य बताया गया है।
गरुड़ पुराण के मुताबिक, लोगों का स्वास्थ्य कर्मों पर भी निर्भर करता है। इस धार्मिक ग्रंथ में विस्तार से बताया गया है कि सात्विक आचरण अपनाकर एक व्यक्ति किस तरह से स्वस्थ और तेजवान शरीर प्राप्त कर सकता है, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि गरुड़ पुराण के उन श्रेष्ठ कर्मों के बारे में, जिनका पालन करने से सुंदर और स्वस्थ शरीर की प्राप्ति होती है।
-1781674879125.jpg)
(Image Source: AI-Generated)
1. सात्विक भोजन- अगर आप सुंदर और स्वस्थ शरीर पाना चाहते हैं, तो गरुड़ पुराण के अनुसार, शुद्ध और शाकाहारी भोजन का सेवन करने से व्यक्ति का शरीर निरोगी रहता है। रोजाना भोजन को करने से पहले प्रभु को भोग लगाएं। इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण करें। इससे दिनचर्या में शुद्धता व अनुशासन बना रहता है, जिससे सुंदर और स्वस्थ शरीर की प्राप्ति होती है।
2. दया और सेवा भाव- जिन लोगों के मन में दया और सेवा भाव नहीं होता है। उनका शरीर कभी भी स्वस्थ नहीं होता। असहाय लोगों या जानवरों की निस्वार्थ सेवा को उत्तम माना जाता है। इससे को व्यक्ति को रोगमुक्त का वरदान प्राप्त होता है। इसलिए लोगों में दया और सेवा भाव जरूर होना चाहिए।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- अगर आपके दोस्त में हैं ये 6 गुण, तो जीवन में भूलकर भी न छोड़े उसका साथ
3. माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान- गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति को अपने माता-पिता, गुरु और बड़े-बुजुर्गों का सम्मान जरूर करना चाहिए। अपने से बड़ों का अपमान करने से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए कहा जाता है कि बुजुर्गों और गुरुजनों का आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए। इससे जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। साथ ही बुजुर्गों और गुरुजनों के आशीर्वाद से दीर्घायु का वरदान प्राप्त होता है।
4. सत्य और मधुर वाणी बोलना- जीवन में सदैव सत्य और मधुर वाणी ही बोलनी चाहिए। गरुड़ पुराण के अनुसार, कड़वे शब्द और झूठ बोलना पापा माना जाता है। इससे जीवन पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। ऐसा माना जाता है जिसकी वाणी में मिठास होती है, तो उनका व्यक्तित्व अधिक आकर्षक होता है। इसलिए जीवन में कभी भी किसी से कड़वे शब्द और झूठ बोलना नहीं बोलने चाहिए।
गरुड़ पुराण में मिलता है वर्णन
सुंदर और स्वस्थ शरीर इन खास कर्मों का वर्णन गरुड़ पुराण के पूर्व खण्ड के कर्मविपाक अध्यायों में देखने को मिलता है।
यह भी पढ़ें- क्या आपकी भी गलत इंसान से तो नहीं हो रही शादी? जीवनसाथी को चुनते समय ध्यान रखें गरुड़ पुराण के 5 मंत्र
यह भी पढ़ें- गरुड़ पुराण के ये 10 महादान: मरने के बाद दिलाते हैं नरक की यातनाओं से मुक्ति और मोक्ष
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।