सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार: जानें क्यों है इस तीर्थ का इतना बड़ा महत्व?
आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि क्यों कहा जाता है 'सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार'? ...और पढ़ें

गंगासागर तीर्थ का रहस्य: क्या है इसका पौराणिक इतिहा? Ai Generated Image

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में तीर्थ यात्राओं का बड़ा महत्व है, लेकिन 'गंगासागर' को इनमें सबसे ऊपर और महातीर्थ माना गया है। आपने अक्सर बड़े-बुजुर्गों से यह कहावत सुनी होगी कि 'सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार।' आखिर क्या है इस एक यात्रा का रहस्य, जो इसे अन्य सभी धामों से अलग और महत्वपूर्ण बनाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का पौराणिक इतिहास और धार्मिक महत्व।

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गंगासागर कहां स्थित है?
गंगासागर भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित है। यह बंगाल की खाड़ी के पास स्थित एक द्वीप है, जिसे सागर द्वीप के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही यह वही स्थान है जहां पवित्र गंगा नदी का मिलन बंगाल की खाड़ी यानी समुद्र से होता है। इसके साथ ही यहां कपिल मुनि का प्रसिद्ध मंदिर भी विराजमान है।
राजा सगर के 60 हजार पुत्रों और कपिल मुनि की कथा
गंगासागर के महत्व की कथा सूर्यवंशी राजा सगर के समय से जुड़ी हैं। श्रीमद्भागवत पुराण के आठवें और नौवें अध्याय के अनुसार, राजा सगर ने अपने राज्य को बढ़ाने के लिए अश्वमेध यज्ञ किया था। देवराज इंद्र ने द्वेष (जलन) भावना से यज्ञ के घोड़े को चुराकर कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया। जब घोड़े को खोजते हुए राजा सगर के 60 हजार पुत्र वहां पहुंचे, तो उन्होंने ध्यानमग्न कपिल मुनि को चोर समझकर उनका अपमान किया। क्रोधित होकर मुनि ने अपने तप के तेज से उन सभी को वहीं भस्म कर दिया।
भगीरथ की तपस्या और मोक्ष का संगम
इन 60 हजार पूर्वजों की भटकती आत्माओं को मोक्ष दिलाने के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने कठोर तपस्या की और मां गंगा को पृथ्वी पर ले आएं। मकर संक्रांति के पावन दिन ही मां गंगा कपिल मुनि के आश्रम पहुंचीं और सगर के पुत्रों की भस्म का स्पर्श कर उन्हें स्वर्ग का मार्ग दिखाया। यही वह स्थान है, जहां गंगा नदी का मिलन सागर से होता है, जिसे आज हम 'गंगासागर' के नाम से जानते हैं।
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क्यों है इसका इतना महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगासागर में केवल एक बार स्नान करने से व्यक्ति के सात जन्मों के पाप कट जाते हैं और उसे पितरों के तर्पण का पूरा फल मिलता है। वहीं, यहां कपिल मुनि का प्राचीन मंदिर भी स्थित है, जहां भक्त दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। खासकर मकर संक्रांति पर यहां स्नान करने से मोक्ष प्राप्ति की प्राप्ति होती है।
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