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    Pradosh Vrat 2026 Date: फरवरी में कब किया जाएगा प्रदोष व्रत, पढ़ें क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

    Updated: Tue, 27 Jan 2026 05:30 PM (IST)

    सनातन धर्म में प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित है। इस व्रत को हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर कि ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत से महादेव होते हैं प्रसन्न (Image Source: AI-Generated)

    Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत से महादेव होते हैं प्रसन्न (Image Source: AI-Generated) 

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने में 2 बार प्रदोष व्रत किया जाता है। यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को जीवन के सभी दुखों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2026) के दिन महादेव की पूजा संध्याकाल में करने का विधान है। इस दिन अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे साधक को जीवन में कोई कमी नहीं होती है। आइए, फरवरी के प्रदोष व्रत की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-

    प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 14 फरवरी को दोपहर 04 बजकर 01 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 15 फरवरी को शाम 05 बजकर 04 मिनट पर होगा। ऐसे में 14 फरवरी को प्रदोष व्रत किया जाएगा।
    इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का मुहूर्त शाम को 06 बजकर 10 मिनट से 08 बजकर 44 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी शिव पूजा कर सकते हैं।

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    सूर्योदय - सुबह 07 बजे
    सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 10 मिनट पर
    चन्द्रोदय - 15 फरवरी को 05 बजकर 36 मिनट पर
    चन्द्रास्त - दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर

    ब्रह्म मुहूर्त - 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक
    अमृत काल - दोपहर 01 बजाकर 03 मिनट से दोपहर 02 बजकर 47 मिनट तक
    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 34 मिनट तक

    प्रदोष व्रत पूजा विधि

    • प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • सफेद रंग के वस्त्र धारण करें।
    • व्रत का संकल्प लें।
    • गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से शिवलिंग का अभिषेक करें।
    • देसी घी दीपक जलाकर पूजा-अर्चना करें
    • व्रत कथा का पाठ करें।
    • मंत्रों का जप और शिव चालीसा का पाठ करें।
    • फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • वाद-विवाद से बचें।
    • घर और मंदिर की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
    • सात्विक भोजन का सेवन करें।
    • किसी के बारे में गलत न सोचें।
    • ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।