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    Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पर करें ये विशेष आरती, मिलेगा भगवान गणेश का आशीर्वाद

    Updated: Thu, 05 Feb 2026 08:43 AM (IST)

    फाल्गुन महीने की द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2026) बहुत शुभ मानी जाती है। इस दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिन्हे ...और पढ़ें

    Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी आरती।

    Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी आरती।

    HighLights

    1. भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है

    2. बप्पा की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है

    3. आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता के नाम से जाना जाता है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत हो या जीवन के संकटों का निवारण, बप्पा का नाम ही काफी है। प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। साल 2026 में फाल्गुन महीने की संकष्टी चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2026) कहा जाता है, जो आज मनाई जा रही है।

    माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आइए बप्पा की विशेष आरती करते हैं, जिसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

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    ॥श्री गणेश जी की आरती॥

    जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

    एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।

    माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥

    जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

    पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।

    लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥

    जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

    अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।

    बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥

    जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

    ‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

    जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

    दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।

    कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥

    जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।

    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।