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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Eid Ul-Adha 2025: भारत में आज मनाई जा रही है बकरीद, जानें क्यों दी जाती है कुर्बानी

    Updated: Sat, 07 Jun 2025 09:10 AM (GMT+05:30)

    बकरीद की तारीख चांद को देखने के बाद तय की जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि भारत और सऊदी अरब में अलग-अलग दिन बकरीद मनाई जाती है। इस पर्व को ईद-उल-अजह ...और पढ़ें

    Eid-Ul-Adha 2025: बकरीद का महत्व (Pic Credit- Freepik)
    Eid-Ul-Adha 2025: बकरीद का महत्व (Pic Credit- Freepik)

    HighLights

    1. बकरीद का विशेष महत्व है।
    2. इसे ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है।
    3. इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल बकरीद के त्योहार को अधिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर देश-विदेश में खास रौनक देखने को मिलती है। इस बार बकरीद (Eid ul Adha 2025 India) आज यानी 7 जून को मनाई जा रही है। इस पर्व को इस्लामिक कैलेंडर के 12वें महीने जुल-हिज्जा के दसवें दिन मनाया जाता है। मुस्लिम धर्म के लोग बकरीद के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। बकरीद से पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं।

    (Pic Credit- Freepik)

    इस दिन बकरे की कुर्बानी देने के बाद इसमें से एक हिस्सा रिश्तेदारों और मित्रों को दिया जाता है और दूसरा हिस्सा गरीबों में दिया जाता है और बाकी हिस्सा परिवार के लिए रखा जाता है। ऐसे में आइए हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि भारत में कब मनाई जाएगी (Bakrid Kab hai) बकरीद।

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    कब है बकरीद 2025 (Bakrid 2025 Date)

    आपकी जानकारी के लिया बता दें कि सऊदी अरब में चांद दिखने के बाद ही बकरीद ( Eid Ul Adha 2025 date and time) की तारीख को तय किया जाता है। इस बार 27 मई को जुल-हिज्जा का चांद सऊदी अरब में दिखाई दिया है, जिससे सऊदी अरब में 6 जून को बकरीद मनाई गई और भारत में आज यानी 7 जून को (Eid ul-Adha 2025 date) बकरीद मनाई जा रही है।

    (Pic Credit- Freepik)

    क्यों दी जाती है कुर्बानी

    इस्लामिक मान्यता के अनुसार, एक बार सपने में हजरत इब्राहिम को अल्लाह से आदेश मिला है कि वह अपनी प्रिय चीज की कुर्बानी दें। हजरत इब्राहिम अल्लाह में विश्वास रखते थे। इसलिए उन्होंने इस सपने को अल्लाह का पैगाम माना, जिसके बाद उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी देने का लिए फैसला लिया।

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    इब्राहिम की इबादत को देख अल्लाह ने उनको एक जानवर की देने का आदेश दिया। उन्होंने इस आदेश का पालन किया। तभी से बकरीद पर बकरे की कुर्बानी देने की परंपरा शुरू हुई।

    बकरीद के दिन इन बातों का रखें ध्यान

    • बकरीद के दिन भूलकर भी किसी से वाद-विवाद न करें।
    • घर-परिवार में बड़े-बुर्जुग और महिलाओं का अपमान करें।
    • किसी के बारे में गलत न सोचे।
    • अल्लाह के नाम का ध्यान करें।
    • जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए दुआ करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।