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शादीशुदा दंपत्ति भूलकर भी न करें देवी के इस रूप की पूजा, जीवन में आ सकती है अशांति और दरिद्रता

Published: Sun, 23 Aug 2026 08:00 AM (IST)

हिंदू धर्म में गृहस्थ जीवन जीने वालों को देवी के उग्र स्वरूपों की पूजा घर में नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ...और पढ़ें

गृहस्थ जीवन में देवी के उग्र स्वरूपों की पूजा से बचें । (Picture Credit- AI Generated)

गृहस्थ जीवन में देवी के उग्र स्वरूपों की पूजा से बचें । (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. गृहस्थों को घर में देवी के उग्र स्वरूपों की पूजा से बचना चाहिए।

  2. महाकाली, दक्षिणकाली जैसे रूपों की साधना के कठोर नियम होते हैं।

  3. गृहस्थों के लिए देवी के सौम्य रूप जैसे दुर्गा, लक्ष्मी पूजनीय हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में देवी शक्ति के अनेक रूपों का वर्णन मिलता है। इनमें कुछ रूप बेहद शांत, सौम्य और ममतामयी माने जाते हैं, जबकि कुछ रूप उग्र होते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों को देवी के अत्यंत उग्र स्वरूपों की पूजा घर में नहीं करनी चाहिए। विशेष रूप से महाकाली, दक्षिणकाली के प्रचंड रूप, छिन्नमस्ता की साधना के लिए हिंदू धर्म में विशेष नियम बताए गए हैं।

कठोर नियम और अनुशासन

उग्र देवी स्वरूपों की साधना सामान्य पूजा से अलग मानी जाती है। इसमें विशेष मंत्र, जप, ध्यान, पूजा-विधि और अनुशासन का पालन करना पड़ सकता है। कई तांत्रिक साधनाओं में समय, स्थान, दिशा, मंत्र और अन्य नियमों का विशेष महत्व होता है। गृहस्थ व्यक्ति के लिए परिवार, नौकरी और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच इन सभी नियमों का नियमित रूप से पालन करना कठिन हो सकता है।

उग्र स्वरूपों को लेकर मान्यता

महाकाली और अन्य उग्र देवी स्वरूपों को नकारात्मक शक्तियों के विनाश के लिए याद किया जाता है। धार्मिक परंपराओं में इनका स्वरूप भय पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि अधर्म और बुरी शक्तियों के नाश का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, इनकी विशेष तांत्रिक साधना को सामान्य घरेलू पूजा के समान नहीं किया जा सकता है।

गृहस्थों के लिए सौम्य रूप

गृहस्थ जीवन में सामान्य रूप से देवी के सौम्य और कल्याणकारी रूपों की पूजा को सरल माना जाता है। माता दुर्गा, माता गौरी, माता लक्ष्मी, माता पार्वती और माता सरस्वती की पूजा घर के शांत और सकारात्मक वातावरण के लिए की जाती है। इनकी पूजा में श्रद्धा, स्वच्छता और सरल भक्ति को विशेष महत्व दिया जाता है।

क्या महाकाली की पूजा बिल्कुल नहीं करनी चाहिए?

यह कहना भी ठीक नहीं होगा कि गृहस्थ व्यक्ति महाकाली की पूजा बिल्कुल नहीं कर सकते। कई परिवारों में माता काली ही उनकी कुल देवी होती हैं। ऐसे कुल देवी की साधना करना अतयंत लाभकारी होता है। मगर तब इनकी पूजा किसी पंडित द्वारा ही कराई जानी चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।