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    रिश्ता बनते-बनते हर बार टूट जाता है? मंगल दोष नहीं बल्कि कुंडली में ये दोष बन रहा है 'शादी में रुकावट'

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 08:01 PM (IST)

    रिश्ता बनते-बनते टूट रहा है? इसकी वजह मंगल दोष नहीं, कुंडली के ये दोष हो सकते हैं। जानें कौन से ग्रह शादी में देरी और रुकावट पैदा कर रहे हैं और इसका आ ...और पढ़ें

    शादी में बाधा के कारण । (Picture Credit- AI Generated)

    शादी में बाधा के कारण । (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शादी की वैसे तो कोई उम्र नहीं होती है, मगर बार-बार रिश्ता पक्का होकर टूट जाता है या फिर कोई ढंग का रिश्ता नहीं मिलता है, तो यह कोई साधारण बात नहीं है। हो सकता है कि आपकी कुंडली में कोई दोष हो। अमूमन लोग खुद ही मान लेते हैं कि मंगल दोष के कारण ऐसा हो रहा होगा। लेकिन कुंडली में ऐसे कई दोष होते हैं, जो शादी में रुकावट पैदा कर रहे होते हैं।

    चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर वो कौन-कौन से दोष होते हैं, जो आपकी शादी में बाधा पैदा कर सकते हैं।

    राहु-केतु का प्रभा

    दि राहु और केतु कुंडली में सप्तम भाव में हों, तो शादी में अड़चनें आती ही हैं। ऐसा होने पर तय हुआ रिश्ता केवल भ्रम और गलतफहमी की वजह से टूट जाता है और बात बनते-बनते बिगड़ जाती है।

    शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या

    शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या, दोनों ही शादी में रुकावट का कारण हो सकते हैं। शनि कर्मों का फल देते हैं, वहीं दूसरी तरफ यदि शनि सप्‍तम भाव में बैठे हैं, तब भी शादी में देरी उत्‍पन्‍न होगी। जहां रिश्‍ता तय हुआ या तो टूट जाएगा या फिर तय समय पर शादी नहीं हो पाएगी।

    कमजोर गुरु और शुक्र

    विवाह के लिए गुरु को बहुत महत्‍वपूर्ण माना जाता है। यदि गुरु कमजोर है, तो कभी भी मनपसंद रिश्‍ता नहीं मिल पाएगा। वहीं शुक्र कमजोर होने पर भी विवाह के योग नहीं बन पाते हैं। ऐसे में ढंग का रिश्‍ता ही नहीं मिलता है या जो मिलता भी है उसमें ढेरों खामियां नजर आने लग जाती हैं।

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    नाड़ी दोष होने पर

    वर और वधू की कुंडली को मिलाने पर नाड़ी दोष निकल आए, तो ऐसी जगह भी रिश्ता तय करने से कोई फायदा नहीं है क्योंकि शादी हो भी जाएगी तो रिश्ता बहुत दिन चल नहीं पाएगा।

    अतः शादी में दिक्कत आ रही है, तो एक बार किसी अच्छे पंडित को दिखा लें। हमेशा मंगल दोष ही विवाह में अड़चन आने का कारण नहीं होता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।