Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Chaitra Amavasya 2026: कब है चैत्र अमावस्या? अभी नोट करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 01:00 PM (IST)

    चैत्र अमावस्या 2026 सनातन धर्म में महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह तिथि पितरों के तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध के लिए अत्यंत शुभ है, जिससे परिवार में सुख-शां ...और पढ़ें

    Chaitra Amavasya 2026: कैसे करें पितरों को प्रसन्न? (Image Source: AI-Generated)

    Chaitra Amavasya 2026: कैसे करें पितरों को प्रसन्न? (Image Source: AI-Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में चैत्र अमावस्या को महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। इसके अगले दिन से हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्र की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र अमावस्या (Chaitra Amavasya 2026) के दिन पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र अमावस्या की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

    चैत्र अमावस्या डेट और शुभ मुहूर्त (Chaitra Amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मार्च को सुबह 08 बजकर 25 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र अमावस्या 18 मार्च को मनाई जाएगी।

    सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

    सूर्योदय का समय- सुबह 06 बजकर 28 मिनट
    सूर्यास्त का समय- शाम 06 बजकर 31 मिनट
    चंद्रोदय का समय- सुबह 06 बजकर 23 मिनट (मार्च 16)
    चंद्रास्त का समय- शाम 05 बजकर 56 मिनट

    ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04 बजकर 52 मिनट से 05 बजकर 40 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक
    अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं
    विजय मुहूर्त- 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट तक
    अमृत काल- 09 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक

    Chaitra Amavasya Daan

    (Image Source: AI-Generated)

    इन बातों का रखें ध्यान

    • इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन भूलकर भी न करें।
    • अमावस्या के दिन वाद-विवाद न करें और किसी के बारे में गलत न सोचें।
    • बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें।
    • ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करें।
    • शुभ और मांगलिक काम करण वर्जित है।
    • नया व्यापार, गृह प्रवेश या शादी-विवाह आदि न करें।

    ऐसे करें पितरों को प्रसन्न

    इस दिन सुबह जल्दी उठें और पवित्र नदी में स्नान कर में काले तिल, जौ और सफेद फूल पितरों को अर्पित करें। पितरों की मोक्ष की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। धार्मिक मान्यता के असुसार, इस उपाय को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना व्रत रह जाएगा अधूरा

    यह भी पढ़ें- Gudi Padwa 2026: गुड़ी पड़वा के ये अनोखे संयोग बना देंगे आपके बिगड़े काम, मां भवानी की कृपा से चमकेगा करियर और व्यापार

     

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।