हनुमान भक्तों के लिए खास: ज्येष्ठ माह में इस दिन पड़ेगा पहला बड़ा मंगल, जानें क्यों है इसका इतना महत्व?
ज्येष्ठ महीने का पहला बड़ा मंगल (Bada Mangal 2026) कब है? आइए इस आर्टिकल में जानते हैं। ...और पढ़ें

Bada Mangal 2026 Dates: ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल कब-कब हैं? (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले सभी मंगल को बड़ा मंगल कहते हैं
इस दिन हनुमान जी की पूजा होती है
इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का विशेष महत्व है, जिन्हें 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' के नाम से जाना जाता है। विशेषकर उत्तर भारत और लखनऊ में इसकी धूम देखते ही बनती है। साल 2026 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत के साथ ही हनुमान भक्तों का इंतजार खत्म होने वाला है। ऐसी मान्यता है कि इसी महीने में हनुमान जी की मुलाकात भगवान श्रीराम से हुई थी, इसलिए यह समय बजरंगबली की कृपा पाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं।
-1776350415932.jpg)
बड़ा मंगल 2026: तिथि
- पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026
- दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
- तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026
- चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026
- पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026
- छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026
- सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026
- आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026
बड़े मंगल का पौराणिक महत्व
बड़ा मंगल कहे जाने के पीछे दो मुख्य पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं -
हनुमान-राम मिलाप: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही हनुमान जी वनवास के दौरान भगवान श्री राम से पहली बार मिले थे।
भीम का अहंकार भंग: एक अन्य कथा के अनुसार, द्वापर युग में इसी दिन हनुमान जी ने बूढ़े वानर का रूप धारण कर महाबली भीम का अहंकार तोड़ा था। इसीलिए इसे 'बुढ़वा मंगल' भी कहा जाता है।
करें ये खास उपाय
- इस दिन बजरंगबली को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर अर्पित करें।
- घर में सुख-शांति के लिए सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ सामूहिक रूप से पाठ करवाएं।
- बड़े मंगल पर जगह-जगह प्याऊ लगवाएं।
- लोगों में ठंडा पानी, शरबत और पूड़ी-सब्जी का भंडारा कराएं।
पूजन मंत्र
- ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नम:।।
- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।।
- मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।।
यह भी पढ़ें: नहीं है बजट, तो अक्षय तृतीया के दिन खरीदें ये चीजें, करियर को मिलेगी नई उड़ान
खबरें और भी
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।