जन्माष्टमी पर जन्मे बच्चे क्यों करते हैं अपने कुल का नाम रोशन? ज्योतिषी ने बताया रहस्य
जन्माष्टमी पर जन्मे बच्चों की कुंडली में कई शुभ योग बनते हैं, जो उन्हें आकर्षक, बुद्धिमान और सफल बनाते हैं। ...और पढ़ें
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कैसे होते हैं जन्माष्टमी जन्मे बच्चे? (AI-Generated Image)
HighLights
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे बच्चे आकर्षक और मेधावी होते हैं।
हर्ष योग मानसिक मजबूती और संचालन क्षमता प्रदान करता है।
जयंती योग कुल का नाम रोशन कर सफलता दिलाता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का पर्व मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना करने का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कृष्ण जी की साधना करने से जीवन में आने वाले सभी दुख दूर होते हैं शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है।
कान्हा जी का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। क्या आप जानते हैं कि जन्माष्टमी के दिन जन्मे बच्चे की कुंडली में किन योगों को शुभ माना जाता है? अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के श्री चंद्रेश शर्मा जी के अनुसार बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।
श्री चंद्रेश शर्मा जी बताते हैं कि जन्माष्टमी (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी) का दिन अत्यंत दिव्य माना गया है। इस तिथि को भगवान श्री कृष्ण के जन्म के कारण स्वयं सिद्ध मुहूर्त का दर्जा प्राप्त है।
जन्माष्टमी पर बनने वाले शुभ योग और उनका प्रभाव
रोहिणी नक्षत्र और वृषभ लग्न: भगवान श्री कृष्ण का जन्म भी रोहिणी नक्षत्र में ही हुआ था। यदि जन्माष्टमी पर बालक का जन्म रोहिणी नक्षत्र और वृषभ लग्न में हो, तो यह अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ माना जाता है। रोहिणी नक्षत्र में जन्मा बालक आकर्षक, मेधावी और कला-प्रेमी होता है।
हर्ष योग: जन्माष्टमी के दिन जन्म लेने वाले जातकों की कुंडली में चंद्रमा उच्च का होता है, जिससे मानसिक मजबूती, आकर्षण और संचालन क्षमता मिलती है।
जयंती योग: यदि अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ लग्न और मध्यरात्रि का योग एक साथ बने, तो इसे 'जयंती योग' कहते हैं। इसमें जन्मे बच्चे कुल का नाम रोशन करते हैं और जीवन में अपार सफलता व प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं।
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ऐसे करें लड्डू गोपाल को प्रसन्न
अगर आप जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान करें। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद लड्डू गोपाल का विशेष चीजों के द्वारा अभिषेक करें। देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। प्रभु को माखन-मिश्री, फल समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से लड्डू गोपाल प्रसन्न होते हैं और कान्हा जी भक्त की मुरादें पूरी करते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
