यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Aaj Ka Panchang 19 November 2024: मार्गशीर्ष माह के पहले मंगलवार पर 'शुभ' योग का हो रहा है निर्माण, पढ़ें पंचांग
आज मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि संध्याकाल 05 बजकर 28 मिनट तक है। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। इस तिथि पर कई शुभ योग का निर्माण हो रह ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार का दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को समर्पित है। इस शुभ तिथि पर हनुमान जी की पूजा की जाती है। साथ ही मंगलवार का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मत है कि हनुमान जी की पूजा करने से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकट हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में मंगल ही मंगल का आगमन होता है। ज्योतिषियों की मानें तो मार्गशीर्ष माह के पहले मंगलवार पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में राम परिवार संग हनुमान जी की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आज संध्याकाल 05 बजकर 29 मिनट से शुरू हो रही है। इससे पूर्व चतुर्थी तिथि है। मार्गशीर्ष महीने में कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन गंगा आरती की जाती है।
शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर साध्य योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का समापन दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक है। इसके साथ ही शुभ योग का भी संयोग बन रहा है। इन योग में हनुमान जी की पूजा करने से साधक को अमोघ फल की प्राप्ति होगी।
आर्द्रा नक्षत्र
आज यानी 19 नवंबर को आर्द्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस योग में राम परिवार की उपासना करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। ज्योतिष आर्द्रा नक्षत्र को शुभ मानते हैं। इन योग में शुभ कार्य करने से साधक पर हनुमान जी की कृपा बरसती है। उनकी कृपा से साधक के सकल मनोरथ पूर्ण होंगे। साथ ही करियर और कारोबार में विशेष सफलता मिलेगी।
खबरें और भी
पंचांग
सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 47 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 26 मिनट पर
चन्द्रोदय- रात 08 बजकर 38 मिनट से
चन्द्रास्त- सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजे से 05 बजकर 54 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 53 मिनट से 02 बजकर 35 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 26 मिनट से 05 बजकर 52 मिनट तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 11 बजकर 40 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक
अशुभ समय
राहु काल - दोपहर 02 बजकर 46 मिनट से 04 बजकर 06 मिनट तक
गुलिक काल - दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से दोपहर 01 बजकर 26 मिनट तक
दिशा शूल - उत्तर
ताराबल
अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।