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हनुमान चालीसा की वो 2 चौपाइयां जो मन के डर को तुरंत खत्म कर देती हैं

Published: Mon, 15 Jun 2026 08:54 AM (IST)

हनुमान चालीसा की दो ऐसी प्रसिद्ध चौपाइयों के बारे में जानिए, जिन्हें श्रद्धा से पढ़ने पर मन का भय कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

बेहद पावरफुल हैं हनुमान चालीसा की ये चौपाइयां (AI-Generated Image)

बेहद पावरफुल हैं हनुमान चालीसा की ये चौपाइयां (AI-Generated Image)

HighLights

  1. हनुमान जी को साहस और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है

  2. दो चौपाइयां विशेष रूप से भय दूर करने वाली मानी जाती हैं

  3. कठिन समय में ये चौपाइयां मन को सकारात्मकता प्रदान करती हैं

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब भी जीवन में डर, चिंता या असुरक्षा का भाव बढ़ता है, तब बहुत से लोग आध्यात्मिक मार्ग की ओर रुख करते हैं। हिंदू धर्म में हनुमान जी को साहस, शक्ति और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि कठिन परिस्थितियों में हनुमान चालीसा का पाठ करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

हनुमान चालीसा को संकट, भय, और मानसिक अशांति दूर करने वाला माना जाता है। श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करने से साहस, एकाग्रता, और भक्ति की वृद्धि होती है। भक्तों का विश्वास है कि इसका नियमित जप जीवन में संरक्षण और सफलता लाता है।

हनुमान चालीसा में कई ऐसी चौपाइयां हैं जो भक्तों को मानसिक शक्ति प्रदान करती हैं। इनमें से दो चौपाइयां विशेष रूप से लोकप्रिय हैं, जिन्हें भय और नकारात्मक विचारों को दूर करने वाला माना जाता है।

यहां पढ़ें पहली चौपाई- 

भूत पिशाच निकट नहीं आवै।
महावीर जब नाम सुनावै॥

इस चौपाई का अर्थ है कि जहां हनुमान जी का स्मरण और नाम लिया जाता है, वहां नकारात्मक शक्तियां और भय पास नहीं आते। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह चौपाई मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास का भाव जगाती है। जब व्यक्ति किसी अज्ञात डर, बेचैनी या मानसिक तनाव से गुजर रहा हो, तब इस चौपाई का जप उसे मानसिक मजबूती देने का काम कर सकता है।

hanuman ji pic

(AI-Generated Image)

यहां पढ़ें दूसरी चौपाई-

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

इस चौपाई में बताया गया है कि हनुमान जी का निरंतर स्मरण व्यक्ति के दुखों और कष्टों को कम करने में सहायक माना जाता है। इसका भाव यह है कि जब मन श्रद्धा और विश्वास से भरा होता है, तब व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना अधिक साहस के साथ कर पाता है। यही मानसिक शक्ति उसे डर और निराशा से बाहर निकलने में मदद करती है।

धार्मिक दृष्टि से देखें तो हनुमान चालीसा केवल एक स्तुति नहीं है, बल्कि आत्मबल बढ़ाने का माध्यम भी माना गया है। मान्यता यह भी है कि इसके नियमित पाठ से मन एकाग्र होता है और नकारात्मक विचारों (Negative thoughts) का प्रभाव कम होता है। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति की श्रद्धा और आस्था पर भी निर्भर करता है।

अगर आप किसी वजह से डर, तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं या फिर करते हैं, तो इन चौपाइयों का शांत मन से स्मरण और जप कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे मन को सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।