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शनिवार के दिन करें इन अचूक मंत्रों का जप, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से मिलेगी तुरंत राहत

Published: Fri, 17 Apr 2026 07:50 PM (IST)Updated: Fri, 17 Apr 2026 07:56 PM (IST)

शनिदेव न्याय के देवता हैं और व्यक्ति को कर्मों के अनुसार फल देते हैं। उनकी कृपा के लिए शनिवार का दिन उत्तम है।

ऐसे पाएं शनिदेव की कृपा पाएं (Picture Credit- AI Generated)

ऐसे पाएं शनिदेव की कृपा पाएं (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. शनिदेव की कृपा के लिए अत्यंत शुभ है शनिवार का दिन

  2. साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति हेतु करें मंत्र जप

  3. पीपल की परिक्रमा करने से मिलती है शनि दोष से राहत

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जिस तरह हिंदू धर्म में हर एक दिन किसी-न-किसी देवी-देवता को समर्पित है, ठीक उसी प्रकार शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में अगर आप शनिवार के दिन शनि देव के मंत्रों का जप करते हैं, तो इससे आपको न्याय के देवता की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या से भी राहत मिल सकती है।

1. शनि मूल मंत्र -

ॐ शं शनैश्चराय नमः।

2. शनि बीज मंत्र -

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।

3. शनि गायत्री मंत्र -

ॐ सूर्यात्मजाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात्॥

4. शनि प्रणाम मंत्र -

ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌॥

5. शनि वैदिक मंत्र -

ॐ शन्नोदेवीर भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।

6. शनि एकाक्षरी मंत्र -

शं॥

7. साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए मंत्र -

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुक मिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्।।

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।संयोरभिश्रवन्तु न:। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।
ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामिशानश्चराम।।

8. ॐ शन्नोदेवीरभिस्ताय आपो भवन्तु पीतये
शनयोरभिस्रवन्तु नः, ॐ समं शनैश्चराय नमः।
ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजं
छायामार्तण्डसंभूतं तम नमामि शनैश्चरम।

Shanivar AI

(Picture Credit- AI Generated)

शनि दोष से मुक्ति पाने के अचूक उपाय

यदि आप शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों से परेशान हैं, तो इन विशेष उपायों को अपनाकर राहत पा सकते हैं -

  • हर शनिवार सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और 7 बार परिक्रमा करें। यह शनि दोष को कम करने का एक बेहद प्रभावी उपाय माना गया है।
  • शनिवार के दिन शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें और श्रद्धापूर्वक 'शनि स्तुति' का पाठ करें।
  • मान्यता है कि हनुमान जी के भक्तों को शनिदेव कभी कष्ट नहीं पहुंचाते। इसलिए शनिवार के दिन बजरंगबली की पूजा करें और नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • शनिदेव की कृपा के लिए शनिवार के दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार काले रंग के कपड़े, काले तिल, साबुत उड़द, गुड़ और सरसों के तेल का दान करना चाहिए।
  • ऐसे किसी भी कार्य या आचरण से हमेशा दूरी बनाकर रखें, जिससे शनिदेव रुष्ट हो जैसे- असहायों, गरीबों या बुजुर्गों का अपमान करना।
  • ऐसा माना गया है कि अच्छे कर्म करने वाले लोगों पर शनिदेव हमेशा अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। इसलिए अपने कर्मों को हमेशा अच्छा रखें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।