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Puja Success Signs: जब पूजा में मिलें ये संकेत, तो समझें ईश्वर ने सुन ली है आपकी पुकार

By Suman SainiEdited By: Suman Saini
Updated: Sun, 15 Mar 2026 02:00 PM (IST)

हम सभी अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार, भगवान को याद करते हैं, व उनकी पूजा करते हैं। शास्त्रों में कुछ ऐसे संकेत बताए गए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि आपकी पूजा सफल हुई है।

Puja Auspicious Signs (AI Generated Image)

Puja Auspicious Signs (AI Generated Image)

HighLights

  1. पूजा के दौरान मिलते हैं कई शुभ संकेत

  2. शुभ संकेत है दीपक की लौ का स्थिर रहना

  3. आंखों से आंसू आना ईश्वरीय कृपा का प्रतीक

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ईश्वर की आराधना करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक माध्यम भी है। भक्त अपनी श्रद्धा व मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ करते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे संकेत बताने जा रहे हैं, जो यह दर्शाते हैं कि ईश्वर आपसे प्रसन्न हैं और आपकी मनोकामनाएं जल्द पूरी होंगी, जिससे आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा।

यह है दिव्य संकेत

यदि पूजा के बाद आपको मन में शांति और हल्कापन का अनुभव होता है, तो इसे एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है। यह एक दिव्य संकेत है, जो बताता है कि आपकी भक्ति स्वीकार हुई है और जल्दी ही आपको अपनी पूजा का फल मिलने वाला है।

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क्या संकेत देती है दीपक की लौ

अगर पूजा के दौरान दीपक की लौ बिना हवा के भी शांत और स्थिर बनी रहती है, तो इसे शुभ माना जाता है। वहीं अगर आपको पूजा के दौरान या बाद में बिना किसी अगरबत्ती के घर में फूलों या चंदन जैसी दिव्य सुगंध आने लगे, तो यह भी एक शुभ संकेत है। जिसका अर्थ है कि देवी-देवताओं की कृपा आपके ऊपर बनी हुई है।

जल्द पूरी होगी मनोकामना

प्रार्थना या पूजा करते समय यदि आपकी आंखों से अपने आप ही आंसू बहने लगें, तो यह एक दिव्य संकेत माना जाता है। इसका अर्थ है कि आपके ऊपर ईश्वर की दया दृष्टि बनी हुई है और आपकी कोई बड़ी मनोकामना जल्द पूरी होने वाली है।

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(Picture Credit: Freepik)

यह भी हैं शुभ संकेत

पूजा करते समय यदि मूर्ति या तस्वीर से कोई फूल या माला अचानक आपके ऊपर या सामने आकर गिरे, तो इसे ईश्वर का आशीर्वाद समझना चाहिए। इसके साथ ही अगर पूजा संपन्न होने के बाद ही घर में कोई मेहमान या कोई व्यक्ति शुभ समाचार लेकर आए, तो इसे भी पूजा के पूर्ण फल की प्राप्ति का संकेत माना जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।