यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Puja Path Tips: देवी-देवता को कभी न चढ़ाएं ऐसे फूल, वरना पूजा नहीं होगी सफल
अकसर पूजा-पाठ के दौरान भोग और अन्य चीजों के साथ-साथ देवी देवताओं को फूल आदि भी अर्पित किए जाते हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- पूजा-पाठ से प्रसन्न होते हैं आराध्य देव।
- पूजा में विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं फूल।
- फूल चढ़ाते समय जरूर ध्यान रखने चाहिए कुछ नियम।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Phool Chadhane Ke Niyam: सनातन मान्यातओं के अनुसार, पूजा-पाठ करने से आराध्य देव प्रसन्न होते हैं, जिससे साधक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। प्रत्येक देवी-देवता का अपना एक प्रिय फूल माना जाता है, जिसे पूजा के दौरान अर्पित करने से साधक पर आराध्य देव की कृपा बनी रहती है। लेकिन यदि आप फूल चढ़ाने के इन नियमों की अनदेखा करते हैं, तो आपको इसके विपरीत परिणाम भी प्राप्त हो सकते हैं।
न चढ़ाएं ऐसे फूल
भगवान को हमेशा वैसे ही फूल अर्पित करने चाहिए, जैसे वह पेड़ पर उगते हैं। इसके साथ ही कभी भी सूखे, मुरझाए, बासी या फिर कीड़ लगे फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। ऐसा करने से आराध्य देव नाराज भी हो सकते हैं और आपको अपनी पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
इस बात का जरूर रखें ध्यान
भगवान को पुष्प अर्पित करने से पहले उसे कभी भी सूंघना नहीं चाहिए। ऐसा करने से फूल अशुद्ध माना जाता है। इसके साथ ही जमीन पर गिरा हुआ फूल या फिर पैर लगा हुआ फूल भी भगवान को अर्पित नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी पूजा अधूरी मानी जाती है।
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इस समय न तोड़े फूल
देवी-देवताओं पर फूल अर्पित करने के लिए उन्हें कभी भी रात के समय नहीं तोड़ना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि रात के समय पेड़-पौधे भी सो रहे होते हैं। वहीं, कई वृक्षों में भगवान का वास माना जाता है। ऐसे में रात के समय फूल तोड़ने से उनकी निंद्रा खराब होती है, जिस कारण इस प्रकार के फूलों को चढ़ाने से आपको कोई लाभ नहीं मिलता।
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