चैत्र पूर्णिमा 2026: तनाव और कलह से चाहिए मुक्ति? आज रात बस एक बार जप लें चंद्रदेव के ये नाम
आज चैत्र पूर्णिमा पर चंद्रदेव की कृपा पाने का विशेष दिन है। पढ़ें चंद्र पूजा की सही विधि, नियम और 108 नामों का जप करने के अद्भुत लाभ।

Chaitra Purnima 2026: चैत्र पूर्णिमा 2026 (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज 1 अप्रैल 2026 को चैत्र मास की पावन पूर्णिमा है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को 'मन का कारक' माना गया है। कहते हैं कि जिसका चंद्रमा मजबूत होता है, उसका मन हमेशा शांत और एकाग्र रहता है। आज की रात चंद्रमा अपनी समस्त कलाओं के साथ आकाश में विराजमान होंगे, ऐसे में चंद्रदेव के नामों का जाप करना न केवल मानसिक तनाव को दूर करता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि के द्वार भी खोलता है।
अगर आप भी लंबे समय से तनाव, घबराहट या पारिवारिक कलह से परेशान हैं। तो आज रात चंद्रदेव की विशेष पूजा और उनके 108 नामों का जाप आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
जप के नियम और सही विधि
चंद्रदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं:
- चंद्रदेव के नामों का जाप करने का सबसे उत्तम समय रात का होता है, जब चंद्रमा पूर्ण रूप से आकाश में दिखाई दे रहे हों।
- पूजा से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इस दिन सफेद कपड़े पहनना विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है।
- जप शुरू करने से पहले तांबे या चांदी के पात्र में जल, कच्चा दूध, सफेद चंदन और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
- चंद्रमा की ओर मुख करके बैठकर या खड़े होकर जाप करें। यदि संभव हो, तो सफेद मोती या स्फटिक की माला का प्रयोग करें।
- इस पावन दिन पर केवल सात्विक भोजन ग्रहण करें और पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें।
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इन नामों के जाप से क्या होगा लाभ?
- चंद्रमा के नाम जप से तनाव, अवसाद (Depression) और बेवजह की घबराहट से मुक्ति मिलती है।
- घर में धन-धान्य की बरकत होती है और आपसी प्रेम बढ़ता है।
- अगर कुंडली में चंद्र दोष या चंद्रमा कमजोर स्थिति में हो, तो यह विधि रामबाण का काम करती है।
- व्यक्ति के स्वभाव में विनम्रता आती है और वाणी में मधुरता का संचार होता है।
चंद्र देव के 108 नाम
1. ॐ केतवे नमः।
2. ॐ स्थूलशिरसे नमः।
3. ॐ शिरोमात्राय नमः।
4. ॐ ध्वजाकृतये नमः।
5. ॐ नवग्रहयुताय नमः।
6. ॐ सिंहिकासुरीगर्भसंभवाय नमः।
7. ॐ महाभीतिहराय नमः।
8. ॐ चित्रवर्णाय नमः।
9. ॐ पिंगळाक्षाय नमः।
10. ॐ फलधूम्रसंकाशाय नमः।
11. ॐ तीक्ष्णदंष्ट्राय नमः।
12. ॐ महोरगाय नमः।
13. ॐ रक्तनेत्राय नमः।
14. ॐ चित्रकारिणे नमः।
15. ॐ तीव्रकोपाय नमः।
16. ॐ महाशूराय नमः।
17. ॐ पापकंटकाय नमः।
18. ॐ क्रोधनिधये नमः।
19. ॐ छायाग्रहविशेषकाय नमः।
20. ॐ अंत्यग्रहाय नमः।
21. ॐ महाशीर्षाय नमः।
22. ॐ सूर्यारये नमः।
23. ॐ पुष्पवद्गृहिणे नमः।
24. ॐ वरदहस्ताय नमः।
25. ॐ गदापाणये नमः।
26. ॐ चित्रशुभ्रधराय नमः।
27. ॐ चित्रध्वजपताकाय नमः।
28. ॐ घोराय नमः।
29. ॐ चित्ररथाय नमः।
30. ॐ शिखिने नमः।
31. ॐ कुळत्थभक्षकाय नमः।
32. ॐ वैढूर्याभरणाय नमः।
33. ॐ उत्पातजनकाय नमः।
34. ॐ शुक्रमित्राय नमः।
35. ॐ मंदारखाय नमः।
36. ॐ शिखिनेंधपकाय नमः।
37. ॐ अंतर्वेदिने नमः
38. ॐ ईश्वराय नमः।
39. ॐ जैमिनिगोत्रजाय नमः।
40. ॐ चित्रगुप्तात्मने नमः।
41. ॐ दक्षिणाभिमुखाय नमः।
42. ॐ मुकुंदवरप्रदाय नमः।
43. ॐ महासुरकुलोद्भवाय नमः।
44. ॐ घनवर्णाय नमः।
45. ॐ लघुदेहाय नमः।
46. ॐ मृत्युपुत्राय नमः।
47. ॐ उत्पातरूपधारिणे नमः।
48. ॐ अदृश्याय नमः।
49. ॐ कालाग्निसन्निभाय नमः।
50. ॐ नृपीठाय नमः।
51. ॐ ग्रहकारिणे नमः।
52. ॐ सर्वोपद्रवकारकाय नमः।
53. ॐ चित्रप्रसूताय नमः।
54. ॐ अनलाय नमः।
55. ॐ सर्वव्याधिविनाशकाय नमः।
56. ॐ अपसव्यप्रचारिणे नमः।
57. ॐ नवमेपापदायकाय नमः।
58. ॐ पंचमेशोकदाय नमः।
59. ॐ उपरागगोचराय नमः
60. ॐ पुरुषकर्मणे नमः।
61. ॐ तुरीयेस्थेसुखप्रदाय नमः।
62. ॐ तृतीयेवैरदाय नमः।
63. ॐ पापग्रहाय नमः।
64. ॐ स्फोटकारकाय नमः।
65. ॐ प्राणनाथाय नमः।
66. ॐ पंचमेश्रमकारकाय नमः।
67. ॐ द्वितीयेस्फुटवाग्धत्रे नमः।
68. ॐ विषाकुलितवक्त्राय नमः।
69. ॐ कामरूपिणे नमः।
70. ॐ सिंहदंताय नमः।
71. ॐ सत्योपनृतवते नमः।
72. ॐ चतुर्थेवमातृनाशाय नमः।
73. ॐ नवमेपितृनाशाय नमः।
74. ॐ अंतेवैरप्रदाय नमः।
75. ॐ सुतानंदनबंधकाय नमः।
76. ॐ सर्पाक्षिजाताय नमः।
77. ॐ अनंगाय नमः।
78. ॐ कर्मराश्शुद्भवाय नमः।
79. ॐ अपांतेकीर्तिदाय नमः।
80. ॐ सप्तमेकलहप्रदाय नमः।
81. ॐ अष्टमेव्याधिकर्त्रे नमः।
82. ॐ धनेबहुसुखप्रदाय नमः।
83. ॐ जननेरोगदाय नमः।
84. ॐ ऊर्ध्वमूर्धजाय नमः।
85. ॐ ग्रहनायकाय नमः।
86. ॐ पापदृष्टये नमः।
87. ॐ खेचराय नमः।
88. ॐ शांभवाय नमः।
89. ॐ आशेषपूजिताय नमः।
90. ॐ शाश्वताय नमः।
91. ॐ वटाय नमः।
92. ॐ शुभाशुभफलप्रदाय नमः।
93. ॐ धूम्राय नमः।
94. ॐ सुधापायिने नमः।
95. ॐ निशाकराय नमः।
96. ॐ भक्तवत्सलाय नमः।
97. ॐ सिंहासनाय नमः।
98. ॐ केतुमूर्तये नमः।
99. ॐ रवींदुद्युतिनाशकाय नमः।
100. ॐ अमराय नमः।
101. ॐ पीठकाय नमः।
102. ॐ विष्णुदृष्टाय नमः।
103. ॐ अमरॆश्वराय नमः।
104. ॐ भक्तरक्षकाय नमः।
105. ॐ वैचित्र्यकपोलस्यंदनाय नमः।
106. ॐ विचित्रफलदायिने नमः।
107. ॐ भक्ताभीष्टफलदाय नमः।
108. ॐ केतवे नमः।
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