विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्या आप भी पाना चाहते हैं किशोरी जी का आशीर्वाद? राधा अष्टमी पर जरूर करें ब्रज के इन प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन

Published: Sun, 06 Sep 2026 01:00 PM (IST)

राधा अष्टमी का पर्व 19 सितंबर को मनाया जाएगा, जो राधा रानी की कृपा प्राप्त करने का शुभ दिन है। ...और पढ़ें

राधा रानी को समर्पित हैं ये मंदिर

राधा रानी को समर्पित हैं ये मंदिर 

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा अष्टमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन राधा रानी की कृपा प्राप्त करने के लिए अधिक शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार यह पर्व 19 सितंबर को मनाया जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर राधा रानी की साधना करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और किशोरी जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस शुभ अवसर पर ब्रज के मंदिरों में खास रौनक देखने को मिलती है। अगर आप भी राधा अष्टमी पर दर्शन की प्लानिंग बना रहे हैं, तो इन प्रमुख मंदिरों के दर्शन जरूर करें, जिससे आपको मानसिक शांति और राधा रानी की असीम कृपा प्राप्त होगी।

श्री राधा रानी मंदिर (बरसाना)

श्री राधा रानी को समर्पित यह मंदिर बरसाना की भानुगढ़ पहाड़ी पर स्थित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे श्री राधा रानी का प्राकट्य स्थल माना जाता है। राधा अष्टमी के दिन यहां लाडली जी के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में भक्त आते हैं। इस अवसर पर पूरे मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया जाता है और राधा रानी को छप्पन भोग अर्पित किए जाते हैं।

श्री राधा वल्लभ मंदिर (वृंदावन)

वृंदावन स्थित श्री राधा वल्लभ मंदिर का अपना एक विशेष महत्व है। यह मंदिर राधावल्लभ संप्रदाय का मुख्य केंद्र है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां राधारानी की कोई मूर्ति नहीं है। कान्हा जी के साथ एक गद्दी पर स्वर्ण मुकुट विराजमान रहता है, जिसे ही राधारानी की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जब तक श्री राधा-वल्लभ जी की इच्छा न हो, तब तक भक्तों को उनके दर्शन प्राप्त नहीं होते हैं।

श्री राधा रमण मंदिर (वृंदावन)

भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित श्री राधा रमण मंदिर वृंदावन के प्राचीन मंदिरों में से एक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में राधारानी के साथ श्रीकृष्ण शालिग्राम शिला से प्रकट हुए स्वयंभू रूप में वास करते हैं। इस मंदिर में श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी जी की समाधि भी है, जो राधा रमण जी की प्रतिमा के समीप ही स्थित है।

राधा दामोदर मंदिर (वृंदावन)

यह मंदिर राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम को समर्पित है। श्री राधा दामोदर के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पूजा दामोदर रूप में की जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह वृंदावन के सात मुख्य प्राचीन गोस्वामी मंदिरों में से एक है।

यह भी पढ़ें- भारत के 5 पवित्र धार्मिक स्थल, जहां हर धर्म के लोग टेकते हैं मत्था

यह भी पढ़ें- ज्वाला देवी मंदिर के रहस्य: बिना तेल-बाती जलती हैं 9 ज्योतियां, अकबर का अहंकार भी हुआ था चूर

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।