यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Khatu Shyam Ji: इस दिन लगाएं खाटू श्याम जी के चरणों में अपनी अरदास, हर परेशानी का निकलेगा हल
ऐसा माना जाता है कि खाटू श्याम जी (Baba Khatu Shyam) हारे हुए व्यक्ति का सहारा बनाकर उसे दुखों से उभारते हैं। इन्हें तीन बाण धारी हारे का सहारा शीश का ...और पढ़ें

HighLights
- राजस्थान के सीकर में स्थित है खाटू श्याम मंदिर।
- दूर-दूर तक फैली हुई है बाबा खाटू श्याम की मान्यता।
- हारे का सहारा कहलाते हैं बाबा खाटू श्याम।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। बीते कुछ सालों में राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर की मान्यता काफी बढ़ी है। रोजाना हजारों की संख्या में भक्त यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। कुछ खास मौकों पर तो बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि खाटू श्याम बाबा के चरणों में अपनी अरदास लगाने के लिए सबसे उत्तम दिन कौन-सा है।
कौन हैं खाटू श्याम जी
खाटू श्याम जी की कथा महाभारत युद्ध से जुड़ी हुई है। असल में भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक हैं। कई मान्यताओं के अनुसार उन्हें भगवान कृष्ण का कलयुगी अवतार भी माना जाता है। कथा के अनुसार, बर्बरीक भी महाभारत के युद्ध में भाग लेना चाहते थे। तब उनकी माता ने उन्हें यह कहते हुए युद्ध में जाने की अनुमति दी कि, तुम हारे का सहारा बनना।
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भगवान श्रीकृष्ण ने दिया वरदान
भगवान श्रीकृष्ण जानते थे कि बर्बरीक जिस तरफ से युद्ध लड़ेंगे वही पक्ष युद्ध जीत जाएगा। वहीं कौरव हारने की स्थिति में थे। इसलिए भगवान कृष्ण ने एक ब्राह्मण का रूप धारण कर बर्बरीक से उनका शीश, दान के रूप में मांग लिया। बाद में बर्बरीक जी का बलिदान देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कलयुग में स्वयं के नाम से पूजे जाने का आशीर्वाद दिया। इसलिए आज बर्बरीक जी, खाटू श्याम के नाम से प्रसिद्ध हैं।

(Picture Credit: instagram)
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किस दिन करने चाहिए दर्शन
वैसे तो खाटू श्याम जी के दर्शन कभी भी किए जा सकते हैं। लेकिन मान्यताओं के अनुसार, एकादशी तिथि पर विशेषकर फाल्गुन माह की शक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर खाटू श्याम जी के दर्शन का विशेष फल प्राप्त होता है। माना जाता है कि इस दिन बाबा खाटू श्याम आपकी मनोकामना को जल्द पूरा करते हैं। वहीं कई भक्त द्वादशी के दिन भी खाटू श्याम जी के दर्शन करना शुभ मानते हैं।
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