हिमाचल का चमत्कारी नागनी माता मंदिर, जहां लोग मांगते हैं सांप के काटने से बचाव की मन्नत
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित नागनी माता मंदिर एक रहस्यमयी स्थान है, जहाँ माना जाता है कि सांप के काटने पर मंदिर की मिट्टी और जल से जहर का अ ...और पढ़ें

नागनी माता मंदिर का रहस्य
HighLights
नागनी माता मंदिर हिमाचल के कांगड़ा जिले में स्थित है।
सर्पदंश होने पर मंदिर की मिट्टी और जल से उपचार होता है।
सावन और भाद्रपद में विशेष मेले लगते हैं, नाग पंचमी पर भीड़।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि यानी देवताओं की भूमि कहा जाता है। यहां पर कई ऐसे मंदिर हैं, जो अधिक प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में नागनी माता मंदिर भी शामिल है। हिमाचल प्रदेश का यह मंदिर अनूठे और रहस्यमयी मंदिरों में से एक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सांप के काटने पर इस मंदिर में आने पर जल पीने और मिट्टी लगाने से उसका असर खत्म हो जाता है। ऐसे में आइए आपको विस्तार से बताते हैं इस मंदिर से जुड़े रहस्य के बारे में।
कहां है नागनी माता मंदिर
नागनी माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर के पास स्थित है। यह इलाका अपनी प्राकृतिक सुंदरता की वजह से जाना जाता है। इस मंदिर में भक्त दूर-दूर से आते हैं। सावन और भाद्रपद के महीने के हर शनिवार के दिन मेला लगता है। इस दौरान भक्त दूर-दूर से मेले में शामिल होने के लिए आते हैं। इसलिए इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है।
नागनी माता की मूर्ति है स्थापित
इस मंदिर में नागनी माता की मूर्ति विराजमान है। ऐसा बताया जाता है कि इस मंदिर के नीचे से पानी निकलता है। मान्यता के अनुसार, अगर किसी को व्यक्ति को सांप काट ले, तो मंदिर की मिट्टी लगाने और जल पीने से जहर का असर खत्म हो जाता है।
नाग पंचमी का विशेष महत्व
नाग पंचमी के अवसर पर यहां पर अधिक संख्या में भक्त आते हैं। इस दौरान विशाल मेला लगता है। मंदिर में भक्त नागनी माता से परिवारों को सर्पदंश से सुरक्षित रखने की प्रार्थना करते हैं।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नागनी माता मंदिर अधिक आकर्षक है। मंदिर में स्थापित नागनी माता को भक्त अधिक शक्तिशाली देवी मानते हैं। इस मंदिर का परिसर अधिक सुंदर है। यहां पर आने वाले हर भक्त के मन को शांति प्राप्त होती है। अगर आप इस मंदिर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो साल भर कभी भी जाया जा सकता है, लेकिन भाद्रपद और सावन का महीना अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान यहां पर मेला लगता है।
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Source- Nagni Mata Temple
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