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    22 जून को कर्क राशि में गुरु, शुक्र और बुध बनाएंगे त्रिग्रही योग, करियर में मिलेगी नई उड़ान

    Updated: Sun, 07 Jun 2026 02:00 PM (IST)

    जून में कर्क राशि में गुरु, शुक्र और बुध मिलकर त्रिग्रही योग बनाएंगे, जो 22 जून को बुध के गोचर से पूर्ण होगा। यह योग करियर में नई उड़ान, आर्थिक मजबूती ...और पढ़ें

    कर्क राशि में गुरु, शुक्र और बुध का महासंयोग (Picture Credit AI- Generated Image)

    कर्क राशि में गुरु, शुक्र और बुध का महासंयोग (Picture Credit AI- Generated Image) 

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जून का महीना ग्रह गोचर के हिसाब से बेहद खास रहने वाला है। जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका प्रभाव सभी राशियों और देश-दुनिया पर देखने को मिलता है। इस महीने कर्क राशि में एक अद्भुत खगोलीय घटना होने जा रही है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्रदेव को प्रेम, सौंदर्य, विलासिता, भौतिक सुख-सुविधाओं कारक ग्रह माना गया है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 08 जून को दोपहर 02 बजकर 30 मिनट पर शुक्रदेव राशि परिवर्तन करेंगे। शुक्रदेव का यह गोचर कर्क राशि में होगा। इस महीने कर्क राशि में 3 ग्रहों का जमावड़ा होगा, जिससे त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में विस्तार से बताते हैं इस गोचर और महासंयोग के बारे में।

    कर्क राशि में बृहस्पति देव

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति देव को ज्ञान, सौभाग्य, विस्तार और दैवीय कृपा का कारक माना गया है। 02 जून 2026 को रात 01 बजकर 50 मिनट पर बृहस्पति देव ने अपनी उच्च राशि, कर्क में गोचर किया है। बृहस्पति देव का यह गोचर अधिक शक्तिशाली और लाभकारी माना जा रहा है। इस गोचर से राशियों के सफलता के मार्ग खुलेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

    कर्क राशि में शुक्र का गोचर

    बृहस्पति देव के अलावा शुक्र कर्क राशि में 08 जून को दोपहर 02 बजकर 30 मिनट पर प्रवेश करने जा रहे हैं। कर्क जल तत्व की राशि है और इसका स्वामित्व चंद्र देव के पास है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, जब शुक्र का गोचर मन की राशि में होता है, तो गोचर से रिश्तों में मधुरता आती है और परिवार में प्रेम बना रहता है।

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    (Picture Credit AI- Generated Image) 

    कर्क राशि में बुध ग्रह का गोचर

    वैदिक ज्योतिष में बुधदेव को बुद्धि, वाणी और व्यापार क्षमता का कारक माना गया है। वर्तमान में बुधदेव मिथुन राशि में विराजमान हैं। 22 जून को दोपहर 02 बजकर 16 मिनट पर बुध मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन जैसे ही बुध कर्क राशि में गोचर करेंगे, वैसे ही इस राशि में गुरु, शुक्र और बुध की युति बनेगी। इससे त्रिग्रही योग का निर्माण होगा।

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    क्या होगा त्रिग्रही युति का असर?

    कर्क राशि में त्रिग्रही योग का बनना बेहद शुभ माना जा रहा है। इस योग के बनने से राशियों की निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होगी। साथ ही करियर में आ रही रुकावट दूर होगी और करियर में नई मंजिल प्राप्त होगी। इसके अलावा आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन की प्राप्ति होगी। रिश्तों में चल रही खटास दूर होगी और रिश्तों में मधुरता आएगी।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।