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    Putrada Ekadashi 2026 Date: किस दिन रखा जाएगा पुत्रदा एकादशी का व्रत? यहां पता करें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

    Updated: Fri, 27 Feb 2026 09:00 PM (GMT+05:30)

    सावन माह में पुत्रदा एकादशी का व्रत संतानहीन दंपतियों को पुत्र प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सामान्यजन 23 अगस्त को यह व्रत रखेंगे, जबकि वैष ...और पढ़ें

    Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व

    Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व

    HighLights

    1. सावन का महीना बेहद पावन होता है।

    2. यह महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है।

    3. इस महीने में शिव जी की साधना की जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस महीने में रोजाना भगवान शिव और मां पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। वहीं, सावन सोमवार पर शिव शक्ति की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है।

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    सावन महीने में पुत्रदा एकादशी भी मनाई जाती है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से निसंतान दंपति को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। आइए, पुत्रदा एकादशी की सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं-

    कब है पुत्रदा एकादशी? (Putrada Ekadashi 2026 Shubh Muhurat)

    पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 अगस्त को देर रात 02 बजे होगी। वहीं, 24 अगस्त को सुबह 04 बजकर 18 मिनट पर शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त होगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। इस प्रकार 23 अगस्त को सामान्यजन पुत्रदा एकादशी का व्रत रखेंगे। वहीं, 24 अगस्त को वैष्णवजन पुत्रदा एकादशी मनाएंगे।

    कब रखा जाएगा पुत्रदा एकादशी का व्रत?

    सावन माह की पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन देर रात 02 बजे से शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत होगी। इसके लिए 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। वहीं, 24 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का पारण किया जाएगा।

    पुत्रदा एकादशी पारण समय

    पुत्रदा एकादशी का पारण 24 अगस्त को किया जाएगा। इस दिन साधक दोपहर 01 बजकर 41 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 16 मिनट के मध्य पारण कर सकते हैं। एकादशी व्रत का पारण अन्न दान करने के बाद किया जाता है। इसके लिए द्वादशी तिथि पर स्नान-ध्यान के बाद भक्ति भाव से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करें। वहीं, पूजा के बाद अन्न का दान कर व्रत खोलें।

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    एकादशी पर महासंयोग

    ज्योतिषियों की मानें तो सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर प्रीति, सर्वार्थ सिद्धि, रवि और भद्रावास योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से हर एक मनोकामना पूरी होगी। साथ ही साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।