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अगले जन्म में दोषों और अशुभ फलों से बचना है, तो अजा एकादशी के दिन न करें ये गलतियां

Published: Sat, 05 Sep 2026 06:00 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 09:05 AM (IST)

अजा एकादशी व्रत पापों से मुक्ति और सुख-शांति के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन चावल, तुलसी तोड़ना, तामसिक भोजन और ...और पढ़ें

अजा एकादशी के नियम (Picture Credit: AI Generated)

अजा एकादशी के नियम (Picture Credit: AI Generated) 

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही विधिपूर्वक व्रत भी रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
इस व्रत के दौरान कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ये वर्जित काम करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं और जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए, इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि अजा एकादशी के दिन कौन-से काम करने से बचना चाहिए।

अजा एकादशी के दिन न करें ये काम

चावल कासेवन न करें-एकादशी के दिन चावल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य अगले जन्म में केंचुए की योनि में जन्म लेता है।

तुलसी के पत्ते न तोड़ें- एकादशी के दिन तुलसी माता व्रत रखती हैं। इसलिए इस तिथि पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें और न ही पौधे में जल दें। ऐसा माना जाता है कि यह काम करने से तुलसी माता का व्रत टूट सकता है, जिससे आपको जीवन में धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

तामसिक भोजन से दूरी बनाएं- एकादशी के दिन खान-पान से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। इस दिन मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और तामसिक चीजों का सेवन न करें। इस गलती करने से जीवन में अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।

क्रोध, चुगली और निंदा न करें- इसके अलावा साधक व्रत के दौरान किसी के बारे में गलत न सोचे। किसी पर क्रोध न करे और न ही किसी की निंदा करे। अपने मन को शांत रखे और भगवान विष्णु के नाम का जाप करे।

कब है अजा एकादशी?

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 06 सितंबर को सुबह 09 बजकर 59 मिनट पर
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 07 सितंबर को सुबह 07 बजकर 33 मिनट पर

वैदिक पंचांग के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत 07 सितंबर को रखा जाएगा और अगले दिन यानी 08 सितंबर को व्रत का पारण किया जाएगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।