टीबी के मरीज का किया कैंसर का इलाज, अस्पताल पर 23 लाख का जुर्माना
जयपुर के एक निजी अस्पताल ने टीबी मरीज को कैंसर बताकर चार महीने तक कीमोथेरेपी दी, जिससे उसकी हालत बिगड़ ...और पढ़ें

जयपुर में टीबी मरीज को दिया कैंसर का इलाज
HighLights
जयपुर अस्पताल ने टीबी मरीज को कैंसर बताकर कीमोथेरेपी दी।
गलत इलाज से मरीज की हालत बिगड़ी, बाद में टीबी की पुष्टि हुई।
लोक अदालत ने अस्पताल पर 23.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
जागरण संवाददाता, जयपुर। एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने टीबी रोगी महिला को कैंसर पीड़ित मानकर करीब चार महीने तक कीमोथेरेपी दे दी।
महिला का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ा तो स्वजन उसे मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल लेकर गए, वहां चिकित्सकों को जांच में पता चला कि महिला कैंसर नहीं, बल्कि टीबी से पीड़ित है।
इस गंभीर लापरवाही पर भरतपुर स्थित स्थायी लोक अदालत ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर 23 लाख 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
भरतपुर के पुष्प वाटिका कॉलोनी निवासी लक्ष्मी शर्मा को अक्टूबर, 2022 में पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने पर स्वजन जयपुर स्थित महावीर कैंसर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद महिला को कैंसर पीड़ित मान लिया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों ने कैंसर का उपचार शुरू कर दिया। महिला को लगातार कष्टदायक कीमोथेरेपी दी गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। लगातार स्वास्थ्य बिगड़ता देखकर स्वजन महिला को जनवरी, 2023 में मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल लेकर गए। वहां जांच में कैंसर नहीं, बल्कि टीबी की पुष्टि हुई। वहां चिकित्सकों ने टीबी का उपचार प्रारंभ किया।
इसके बाद स्वजन महिला को उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित श्री बृज सेवा समिति टीबी चिकित्सालय लेकर गए, जहां जांच में फिर टीबी की पुष्टि हुई। बीमारी का उपचार शुरू होते ही स्वास्थ्य में सुधार हो गया। महिला के स्वजन ने इस मामले में स्थायी लोक अदालत में याचिका प्रस्तुत की।
लोक अदालत के अध्यक्ष गंभीर सिंह, सदस्य रजनीकांत और योगेश शर्मा ने गत चार सितंबर को निर्णय सुनाते हुए इस प्रकरण को चिकित्सकीय लापरवाही माना और मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 20 लाख, जबकि उपचार के वैध बिलों के तीन लाख 36 हजार 774 रुपये जुर्माना अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर लगाने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि गलत निष्कर्ष से एक मरीज को गंभीर और कष्टदायी उपचार प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिससे उसे मानसिक व शारीरिक कष्ट हुआ है।
