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    राजस्थान के एक ही बैंक के 361 खातों में जमा हुए साइबर ठगी के पैसे, बैंककर्मियों की भूमिका की जांच शुरू

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:24 PM (IST)

    दौसा के इंडियन ओवरसीज बैंक की एक शाखा के 361 खातों में देश भर से करोड़ों की साइबर ठगी का पैसा जमा हुआ है। ...और पढ़ें

    एक ही बैंक के 361 खातों में जमा हुए साइबर ठगी के पैसे। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    एक ही बैंक के 361 खातों में जमा हुए साइबर ठगी के पैसे। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

    HighLights

    1. दौसा के 361 बैंक खातों में जमा हुआ ठगी का पैसा।

    2. बैंककर्मियों की भूमिका पर साइबर पुलिस कर रही है जांच।

    3. फर्जी निवेश योजनाओं और डिजिटल अरेस्ट से ठगी का खुलासा।

    जागरण संवाददाता,जयपुर। देश के विभिन्न राज्यों में हुई करोड़ों रूपये की साइबर ठगी का पैसा राजस्थान में दौसा जिले के इंडियन ओवरसीज बैंक की एक ही शाखा के 361 खातों में जमा करवाया गया है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) में दर्ज शिकायतों की जांच में यह खुलासा हुआ।

    राज्य साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि फर्जी निवेश योजनाओं, केवाईसी अपडेट करने सहित विभिन्न प्रकार से की गई साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के जरिए की गई ठगी का पैसा इन बैंक खातों में जमा करवाया गया है। साइबर पुलिस इस मामले में बैंककर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए भी जांच कर रही है। इसकी भी जांच हो रही है कि पिछले सात माह में इन बैंक खातों में कितनी रकम जमा हुई है।

    जांच में सामने आया कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क के तहत यह बैंक खाते खोले गए हैं। इन सभी बैंक खातों की सीज करने के साथ ही चार अगस्त को दौसा की साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ की है। साइबर ठगों को पैसा ठिकाने लगाने के लिए कई बैंक खातों की आवश्यकता होती है।

    साइबर अपराधी पहले ठगी की रकम हासिल करते हैं और फिर कई बैंक खातों में जमाकर ट्रेल खत्म करते हैं। क्रिप्टोकरेंसी में भी यह पैसा कनवर्ट कर देते हैं। साइबर अपराध शाखा के अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह ने कहा कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

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