पटियाला में फौजी के घर में घुसे नकली पुलिसकर्मी, जानिए फिर क्या हुआ
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर छह अज्ञात लोगों ने पटियाला के बहादरपुर नमकगिरा गांव में एक फौजी के घर में घुसकर नशा बेचने का आरोप लगाते हुए 60 हजार रुपये लूट लि ...और पढ़ें
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सैन्य कर्मी के घर घुसे फर्जी पुलिस कर्मी।
HighLights
फर्जी पुलिसकर्मी बनकर फौजी के घर में घुसे बदमाश
नशा बेचने का आरोप लगाकर 60 हजार रुपये लूटे
घटना 29 जून की, 40 दिन बाद एफआईआर दर्ज
जागरण संवाददाता, पटियाला। पुलिस थाना जुल्का इलाके में आते गांव बहादरपुर नमकगिरा में नशा बेचने का शक जाहिर करते हुए फर्जी पुलिस मुलाजिम सर्च के बहाने फौजी के घर में घुसे और साठ हजार रुपये लेकर फरार हो गए। पहले पुलिस जैसी वर्दी पहने तीन युवक अंदर घुसे, जिन्होंने नशा बेचने की सूचना के बहाने रेकी की।
इसके बाद तीन अन्य सादे कपड़ों में आए और दो मंजिला घर की तलाशी लेने के बहाने 60 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। घटना बीती 29 जून की है और करीब चालीस दिन की जांच के बाद जुल्का थाने में शनिवार की रात मामला दर्ज किया गया है। यह मामला फौजी के पिता हरबंस सिंह के बयानों पर छह अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ है।
हरबंस सिंह ने बताया कि 29 जून की दोपहर को वह, उनकी पत्नी व बहू घर पर थे। दोपहर दो बजे तीन लोग आए। उन्होंने कहा कि घर पर वेरीफिकेशन के लिए आए हैं। उन्होंने गेट खोला तो देखा कि तीन युवकों ने पुलिस जैसी वर्दी पहनी थी। उन्होंने पूछा कि किस बात की वेरीफिकेशन करनी है तो गेट बंद करते हुए इन लोगों ने कहा कि सूचना मिली है कि आपके घर में नशा बिकता है।
यह सुनते ही इन लोगों को बताया कि बड़ा बेटा फाइनेंस कंपनी में लोन दिलाने का काम करता है, छोटा बेटा भारतीय सेना में ड्यूटी पर है। यहां उनके घर तो क्या गांव में भी नशा नहीं बिकता है। इसके बाद उन वर्दीधारी लोगों ने कहा कि बड़े साहब आ रहे हैं, बाकी बात वह करेंगे।
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कुछ देर में तीन अन्य लोग सादे कपड़ों में अंदर दाखिल हुए। इन लोगों ने पूरे परिवार को एक जगह खड़ा कर दिया और दोनों मंजिलों की तलाशी शुरू कर दी। उन्होंने घर का कोना-कोना खंगाला। करीब बीस मिनट बाद सभी लोग वापस जाने लगे तो एक व्यक्ति ने कहा कि सूचना देने वाले का आधार कार्ड है, जिसे दिखाएंगे तो पहचान करना। बाद में गांव में झगड़ा होने की बात कहकर बिना आधार कार्ड दिखाए वे लोग चले गए। बाहर गए तो देखा दो अन्य लोग स्विफ्ट व ऑल्टो कार में भी बैठे थे।
कारों पर लगी थी जाली नंबर प्लेट्स
हरबंस सिंह ने बताया कि पुलिस को उसी समय शिकायत कर दी थी, क्योंकि घर जाकर देखा तो सिर्फ कैश ही चोरी हुआ था। घटना के एक हफ्ते बाद सेना में तैनात बेटा लौटा, जिसने पुलिस अधिकारियों के पास जाकर गुहार लगाई तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई।
सीसीटीवी फुटेज में देखा तो गाड़ियों पर जाली नंबर प्लेट्स लगी थीं। थाना जुल्का प्रभारी कर्मजीत सिंह ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में समय लगा है। आरोपित की पहचान कर इन्हें गिरफ्तार करेंगे।