Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    मुक्तसर में विधायक के बाहर पूर्व पार्षद ने लगाया धरना, वोटों में हेरफेर कर पीए को जिताने का दावा

    Updated: Sat, 30 May 2026 03:57 PM (IST)

    श्री मुक्तसर साहिब में निकाय चुनाव परिणामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस की पूर्व पार्षद ने विधायक पर मतगणना में हेरफेर का आरोप लगाते हुए धरना ...और पढ़ें

    विधायक के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे पूर्व पार्षद व उनका परिवार।

    विधायक के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे पूर्व पार्षद व उनका परिवार।

    HighLights

    1. पूर्व पार्षद ने विधायक के घर के बाहर धरना दिया।

    2. मतगणना में वोटों की हेरफेर का आरोप लगाया गया।

    3. विधायक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।

    जागरण संवाददाता, मुक्तसर। श्री मुक्तसर साहिब निकाय चुनावों के परिणामों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वार्ड नंबर 16 से चुनाव लड़ चुकी कांग्रेस की पूर्व महिला पार्षद गुरबिंदर कौर पतंगा ने आम आदमी पार्टी के विधायक जगदीप सिंह काका बराड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके निवास के बाहर धरना दिया। पूर्व पार्षद का आरोप है कि विधायक के निजी सहायक को चुनाव जिताने के लिए मतगणना प्रक्रिया में हेरफेर की।

    शनिवार को विधायक आवास के बाहर लगाए गए धरने में गुरबिंदर कौर पतंगा के साथ उनका बेटा और कुछ समर्थक भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के समय उनके मतदान बक्सों की सील पहले से टूटी हुई थी। उनका दावा है कि मतदान बक्से उनके पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में सील किए गए थे, लेकिन मतगणना से पहले उन्हें खोला गया, जिसकी कोई संतोषजनक वजह प्रशासन नहीं बता सका।

    यह भी पढ़ें- पंजाब में ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने की तैयारी, कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत; कैबिनेट बैठक में हुआ फैसला

    अधिकारियों ने नहीं दिए स्पष्ट जवाब

    गुरबिंदर कौर पतंगा ने कहा कि उनके प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से इस बारे में सवाल पूछे थे, लेकिन उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी सत्ता पक्ष के पक्ष में बोलते रहे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इस संबंध में आपत्ति उठाई तो उन्हें कार्रवाई और मामला दर्ज करने की चेतावनी दी गई।

    पूर्व पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विधायक के निजी सहायक विक्रम कुमार विक्की लगातार उन्हें फोन कर मिलने के लिए बुलाते रहे। उनके अनुसार एक मुलाकात के दौरान उन्हें आम आदमी पार्टी में शामिल होने या चुनावी मैदान छोड़ने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कहा गया था कि यदि वे पार्टी बदल लें तो बिना संघर्ष के चुनाव जिता दिया जाएगा। गुरबिंदर कौर ने इन आरोपों को चुनावी प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप से जोड़ते हुए कहा कि वह इस मामले में संघर्ष जारी रखेंगी।

    खबरें और भी

    राजा वड़िंग ने भी घेरी सरकार

    इस मामले पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई क्षेत्रों में निकाय चुनावों के दौरान धांधली और दबाव की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर विजयी उम्मीदवारों के परिणाम घोषित करने में देरी की गई और बार-बार पुनर्गणना कराई गई। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले को न्यायालय तक ले जा सकती है।

    यह भी पढ़ें- 32.67 करोड़ के बाउंस चेक मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण व नीरज कंसल गिरफ्तार

    विधायक ने दावों को किया खारिज

    वहीं, विधायक जगदीप सिंह काका बराड़ ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुए हैं। विधायक का कहना है कि न तो किसी उम्मीदवार का नामांकन रद करवाया गया और न ही किसी के साथ किसी प्रकार की धक्केशाही की गई। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास कार्यों के आधार पर मतदान किया है और लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।

    यह भी पढ़ें- 32.67 करोड़ के बाउंस चेक मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण व नीरज कंसल गिरफ्तार