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    पंजाब के मुक्तसर में लड़कियों के स्कूल में लड़कों का दाखिला, भड़के अभिभावकों ने छात्राओं के साथ दिया धरना

    Updated: Sat, 23 May 2026 10:41 AM (IST)

    पंजाब के मुक्तसर में अबुल खुराना स्थित 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' के बाहर ग्रामीण और अभिभावक छात्राओं के साथ धरने पर बैठे हैं। वे शिक्षकों की कमी और लड़कियों ...और पढ़ें

    लड़कियों के स्कूल में लड़कों का दाखिला, भड़के अभिभावकों ने छात्राओं के साथ लगाया धरना।

    लड़कियों के स्कूल में लड़कों का दाखिला, भड़के अभिभावकों ने छात्राओं के साथ लगाया धरना।

    HighLights

    1. मुक्तसर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में धरना जारी

    2. शिक्षकों की भारी कमी और 17 पद खाली

    3. लड़कियों के स्कूल में लड़कों के दाखिले का विरोध

    संवाद सूत्र, मलोट (मुक्तसर)। पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'स्कूल आफ एमिनेंस' सवालों के घेरे में है। मुक्तसर के गांव अबुल खुराना स्थित स्कूल आफ एमिनेंस के बाहर ग्रामीण और अभिभावक छात्राओं को साथ लेकर धरने पर बैठ गए हैं। आरोप है कि शिक्षकों की भारी कमी और लड़कियों के स्कूल में लड़कों को दाखिला दिया जा रहा है जिसका वे विरोध कर रहे हैं।

    क्या है पूरा मामला

    40 साल पुराना यह स्कूल पहले सिर्फ लड़कियों के लिए था। 2023 में इसे स्कूल आफ एमिनेंस का दर्जा मिला। नियमों के तहत यहां प्रवेश परीक्षा के जरिए 60 लड़कों को भी दाखिला दिया गया। इसी के बाद से विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि सह-शिक्षा से स्कूल का माहौल बिगड़ रहा है और गांव की लड़कियां असहज महसूस कर रही हैं।

    दूसरी तरफ स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। छठी से बारहवीं तक 800 बच्चे करीब 30 गांवों से पढ़ने इस स्कूल में आते हैं, लेकिन 17 से 18 पद खाली पड़े हैं। पिछले साल तबादलों में 10-12 शिक्षक चले गए। प्रिंसिपल का पद भी खाली है। फिलहाल पंजाबी के लेक्चरर सविंदर सिंह इंचार्ज के तौर पर काम देख रहे हैं।

    ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

    धरने पर बैठे हरदास सिंह और सोनू ने बताया कि हम डेढ़ साल से जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर तमाम अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। एक अधिकारी ने तो कह दिया कि धरने लगा कर कौन सा टीचर बुला लोगे। ग्रामीणों का आरोप है कि मेरिट के नाम पर गांव की गरीब लड़कियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

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    बाहर के लड़के-लड़कियां दाखिल हो रहे हैं, जबकि स्थानीय बच्चों को मौका नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक खाली पद नहीं भरे जाते और सह-शिक्षा पर कोई ठोस फैसला नहीं होता, धरना खत्म नहीं होगा। उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। स्कूल के चेयरमैन मेनपाल ने माना कि चार साल पहले तक स्कूल का रिजल्ट टाप पर था, लेकिन अब शिक्षक न होने से नतीजे लगातार गिर रहे हैं।

    जैसे ढांचा पूरा होगा, स्टाफ भी आएगा- स्कूल इंचार्ज

    स्कूल इंचार्ज सविंदर सिंह ने माना कि 17 पद खाली हैं और विभाग को कई बार लिखा जा चुका है। उन्होंने सफाई दी किक्षलड़कों का दाखिला स्कूल आफ एमिनेंस की पालिसी के तहत टेस्ट से हुआ है। प्रोजेक्ट अभी तीसरे फेज में है, इसलिए दिक्कतें हैं। जैसे-जैसे ढांचा पूरा होगा, स्टाफ भी आएगा।