मोगा में सड़क किनारे खड़े कैंटर से मिलीं 15 गायें, दम घुटने से 2 की मौत; पूर्व सरपंच की सतर्कता से खुला मामला
मोगा के बुघीपुरा गांव में चार दिन से सड़क किनारे खड़े एक कैंटर से 15 गायें मिलीं, जिनमें से 2 ...और पढ़ें
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पुलिस ने कैंटर की जांच कर गायों को गौशाला पहुंचाया।
HighLights
मोगा के बुघीपुरा में कैंटर से मिलीं 15 गायें।
चार दिन से खड़े कैंटर में 2 गायों की मौत।
पुलिस ने 13 गायों को गौशाला भेजा, जांच शुरू।
संवाद सहयोगी, मोगा। गांव बुघीपुरा से सड़क किनारे खड़े एक कैंटर से 15 गाय मिली हैं जिनमें से 2 की दम घुटने से मौत हो गई है। ये कैंटर पिछले चार दिनों से सड़क किनारे खड़ा था और ग्रामीणों ने शक होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने कैंटर की जांच की तो उसके अंदर 15 गायें लदी हुई मिलीं। इनमें से दो गायें मृत अवस्था में पाई गईं। प्रथम दृष्टया दोनों गायों की मौत दम घुटने के कारण होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद थाना मैहना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांव बुघीपुरा में एक कैंटर पिछले करीब चार दिनों से सड़क किनारे खड़ा था। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे वाहन में तकनीकी खराबी मानकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। हालांकि, कई दिनों तक कैंटर के उसी स्थान पर खड़े रहने और अंदर से किसी तरह की गतिविधि नजर नहीं आने के कारण लोगों को शक हुआ।
इसी दौरान गांव के पूर्व सरपंच गुरमेल सिंह को कैंटर के संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कैंटर की जांच की। जांच के दौरान कैंटर के अंदर कुल 15 गायें मिलीं, जिनमें दो मृत अवस्था में थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मैहना पुलिस को सूचित किया गया। थाना मैहना के एसआइ नछत्तर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और कैंटर की विस्तृत जांच की। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों के अलावा समाजसेवी और हिंदू संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए।
समाजसेवी गगन नौहरिया ने बताया कि कैंटर से बरामद गायों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए तत्काल प्रबंध किए गए। इसके बाद सभी गायों को मोगा स्थित गौशाला में पहुंचाया गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैंटर बुघीपुरा में कितने समय से खड़ा था, गायों को कहां से लाया गया था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। इसके अलावा मृत मिली दोनों गायों की मौत के वास्तविक कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच गुरमेल सिंह की सतर्कता की सराहना की। उनका कहना है कि समय रहते पुलिस को सूचना मिलने के कारण कैंटर के अंदर बंद गायों कापता चल सका और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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