जालंधर में मौत की डोर बने बिजली के तार, 1 महीने में 2 लोगों की गई जान; टूटे मीटर बॉक्स दे रहे हादसों को दावत
पंजाब में खुले बिजली के तार और टूटे मीटर बॉक्स हादसों का कारण बन रहे हैं, जिससे एक माह में ...और पढ़ें

निचले इलाकों में लगे मीटर बॉक्स दे रहे बड़ी घटनाओं को न्योता।
HighLights
एक माह में करंट से छात्रा समेत दो की मौत
पंजाब में खुले तार, टूटे मीटर बॉक्स बने खतरा
बिजली विभाग की लापरवाही पर जवाबदेही तय हो
जागरण संवाददाता, जालंधर। मोहाली के नयागांव में शुक्रवार को सड़क पर जमा पानी में बिजली का करंट उतरने से 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। इससे पहले चंडीगढ़ में यूनिवर्सिटी परिसर में भी छात्रा की करंट लगने से जान जा चुकी है। इन घटनाओं के बाद दैनिक जागरण ने पंजाब के विभिन्न जिलों में बिजली लाइनों और उपकरणों की स्थिति की पड़ताल की तो तस्वीर डराने वाली सामने आई।
अमृतसर, मुक्तसर, गुरदासपुर, होशियारपुर और फिरोजपुर समेत कई जिलों में जगह-जगह बिजली के लटकते तार और खुले उपकरण लोगों के लिए खतरा बने हैं। व्यस्त बाजारों में दुकानों के सामने और गलियों में बिजली के खंभों से निकले तारों के जाल हादसे का खतरा बढ़ा रहा है।
श्री मुक्तसर साहिब में कई स्थानों पर नंगे तार खंभों से लटक रहे हैं। खुले मीटर बॉक्स और असुरक्षित ट्रांसफार्मर भी खतरे को बढ़ा रहे हैं। तार इतने नीचे हैं कि राहगीर और पशु भी इनके संपर्क में आ सकते हैं।
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मीटर बॉक्सों के दरवाजे तक हैं गायब
कई मोहल्लों में मीटर बॉक्स टूटे मिले और दरवाजे तक गायब हैं। कुछ बॉक्स काफी नीचे लगे हैं। वर्षा के दौरान जलभराव होने पर इनमें पानी पहुंचने से करंट फैलने की आशंका है।
मुक्तसर में पिछले कुछ महीनों में बच्ची समेत दो लोगों की करंट से मौत हो चुकी है। होशियारपुर में भी झूलते तार और बिजली जोड़ खतरे की घंटी हैं।
नंगे तारों और खुले मीटरों की जवाबदेही होनी चाहिए
बिजली लाइनों, खंभों, मीटर बॉक्स और ट्रांसफार्मरों की नियमित जांच की जिम्मेदारी बिजली विभाग की है। जर्जर या ढीली तारों की शिकायत मिलने पर मरम्मत कराना भी विभाग का दायित्व है।
यदि खुले जोड़, नंगे तार और टूटे मीटर बॉक्स लंबे समय तक जस के तस हैं तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। स्थानीय निकायों को भी जलभराव वाले स्थानों पर समन्वय कर जोखिम कम करना होगा।
बिजली तारों के अधिकतर नंगे जोड़ों की टेपिंग करवाई जा चुकी है। फिर भी खुला जोड़ दिखे तो संबंधित डिविजन या सब-डिविजन में शिकायत की जा सकती है।
शिकायत मिलते ही विभाग की टीम मौके पर जांच करेगी और जरूरत के अनुसार नंगे जोड़ की तत्काल टेपिंग करवाई जाएगी।
