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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jalandhar News: पोंजी स्कीम धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्‍शन, 1.64 करोड़ की 64 संपत्तियां जब्त; दर्ज हैं कई FIR

Updated: Fri, 01 Mar 2024 03:56 PM (IST)

ED Raids पोंजी स्‍कीम धोखाधड़ी मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। 1.64 करोड़ की 64 संपत्तियां जब्त की गई हैं। पोंजी स्कीम धोखाधड़ी की वजह से पंजाब ...और पढ़ें

पोंजी स्कीम धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्‍शन (फाइल फोटो)
पोंजी स्कीम धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्‍शन (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर ने पोंजी स्कीम धोखाधड़ी के संबंध में मेसर्स एनजीएचआई डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड और इसकी अन्य समूह कंपनियों की 1.64 करोड़ रुपये की 64 संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

पोंजी स्कीम धोखाधड़ी की वजह से पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश राज्यों में हजारों निवेशक प्रभावित हुए थे। ईडी की तरफ से कुर्क की गई संपत्तियों में मध्य प्रदेश के ग्वालियर, गुना, भिंड और दतिया में स्थित अचल संपत्तियां शामिल हैं।

2002 के प्रावधानों के तहत जांच शुरू

ईडी ने माननीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत जांच शुरू की थी।

ईडी द्वारा की गई पूछताछ से पता चला कि दर्ज की गई शिकायतों के आधार पर नाइसर ग्रीन ग्रुप कंपनियों के प्रबंध निदेशक पीपल सिंह और अन्य के खिलाफ प्रभावित निवेशकों द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कई एफआईआर दर्ज की गईं।

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आरोपितों ने कई कंपनियां की गठित

ईडी की जांच से पता चला कि मुख्य आरोपी पीपल सिंह और उसके सहयोगियों द्वारा कई कंपनियां बनाई/गठित की गईं। नाइसर ग्रीन ग्रुप कंपनियों के निदेशकों ने अपने निवेश पर उच्च रिटर्न के झूठे वादे पर एफडी/आरडी के रूप में समूह की कंपनियों में निवेश करने के लिए आम जनता को लालच देकर अपराध की आय (पीओसी) अर्जित की थी।

निवेशकों की मेहनत की कमाई ठगी

परिपक्वता अवधि समाप्त होने के बाद व्यक्तियों ने निवेशकों को पैसा लौटाने में चूक की, जिससे निवेशकों की मेहनत की कमाई ठग ली गई। इसके अलावा मामले की जांच से पता चला कि पीओसी का इस्तेमाल मेसर्स एनजीएचआई डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड और अन्य समूह कंपनियों के नाम पर मध्य प्रदेश में खरीदी गई विभिन्न अचल संपत्तियों को हासिल करने के लिए किया गया था।

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इससे पहले 24 फरवरी 2023 को मेसर्स एनजीएचआई डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड और इसकी अन्य समूह कंपनियों की 4.15 करोड़ रुपये की 87 संपत्तियां ईडी द्वारा अस्थायी रूप से कुर्क की गई थीं। फिलहाल आगे की जांच जारी रखी गई है।