जरूरतमंद बेटियों की शादी के लिए जुटाया स्त्रीधन, नवरात्र में फिरोजपुर फाउंडेशन की अनूठी मिसाल
फिरोजपुर फाउंडेशन ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार की बेटी की शादी के लिए स्त्रीधन जुटाकर मदद की ...और पढ़ें
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HighLights
फिरोजपुर फाउंडेशन ने जरूरतमंद बेटी की शादी में स्त्रीधन दिया
नवरात्र के पहले दिन कन्या पूजन से प्रेरित यह पहल
दो और बेटियों की शादी में भी सहयोग का संकल्प
कपिल सेठी, फिरोजपुर। बेटी की शादी हर माता-पिता के जीवन का एक भावुक और यादगार अवसर होता है। इस दिन पिता की सबसे बड़ी खुशियों में से एक होती है अपनी बेटी को अपने हाथों से स्त्रीधन सौंपना।
लेकिन जब आर्थिक परिस्थितियां कमजोर हों, तो यह खुशी कई चिंताओं के बीच घिर जाती है। ऐसी ही स्थिति को समझते हुए फिरोजपुर फाउंडेशन के संस्थापक शैलेंद्र कुमार लरोइया और उनके साथियों ने एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए पहल की, ताकि आर्थिक तंगी बेटी की शादी में बाधा न बने और पिता अपनी जिम्मेदारी सम्मान के साथ निभा सके।
फिरोजपुर फाउंडेशन की ओर से तीन बहनों की शादी में उक्त स्त्रीधन मुहैया करवाने का संकल्प लिया गया है जिसमें नवंबर व दिसंबर माह में भी उक्त दो ओर बेटियों के परिवारों को सामान मुहैया करवाया जाएगा ताकि उनका पिता अपने हाथों बेटी को स्त्रीधन सौंप सके ।
एक बातचीत से शुरू हुई सेवा की पहल
इस सेवा का विचार शैलेंद्र कुमार लरोइया के मित्र गोरी शंकर के माध्यम से सामने आया। उन्होंने एक जरूरतमंद परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शादी में भोजन का खर्च उठाने की इच्छा जताई, ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
परिवार की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिलने पर यह भी सामने आया कि बेटी की शादी के लिए जरूरी स्त्रीधन की व्यवस्था करना उनके लिए मुश्किल था।
इस बात ने शैलेंद्र कुमार को सोचने पर मजबूर किया कि परिवार की मदद इस तरह की जाए, जिससे आर्थिक सहयोग के साथ-साथ उनके आत्मसम्मान और भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।
इसके बाद उन्होंने अपने मित्र सोनू, जिमी, मुनीश से चर्चा की। सभी ने इस सेवा में सहयोग की इच्छा जताई। फिरोजपुर फाउंडेशन के व्हाट्सएप समूह में सहयोग की अपील सांझा की गई, जिस पर सदस्यों और सहयोगियों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान दिया।
सहयोग से जुटाया गया बेटी का स्त्रीधन
फाउंडेशन के सदस्यों और सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से शादी के लिए आवश्यक स्त्रीधन का सामान एकत्रित किया गया। रविवार को फाउंडेशन के किचन में आयोजित एक सादे और भावनात्मक कार्यक्रम के दौरान बेटी और उसके परिवार को यह सामान सौंपा गया।
इस अवसर पर शादी के गीतों के बीच खुशियां सांझा की गईं। इस पहल का उद्देश्य केवल सामान उपलब्ध करवाना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि पिता अपनी बेटी को अपने हाथों से स्त्रीधन सौंप सके।
फाउंडेशन ने सहायता की प्रक्रिया में परिवार की निजता और गरिमा को प्राथमिकता दी, ताकि किसी को अपनी परिस्थितियों के कारण संकोच महसूस न हो।
हर बेटी का सम्मान, हर परिवार की गरिमा जरूरी
शैलेंद्र कुमार लरोइया ने बताया कि फाउंडेशन ने इस पहल के अंतर्गत अन्य जरूरतमंद बेटियों की शादी में भी स्त्रीधन उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया है। संबंधित परिवारों को शादी से लगभग एक सप्ताह पहले सामान सौंपा जाएगा, ताकि वे समय रहते तैयारियां कर सकें।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के पहले दिन कन्या पूजन की भावना से प्रेरित होकर यह प्रयास किया गया। बेटियों का सम्मान केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जरूरत के समय उनके परिवारों का सहयोग करके भी इस भावना को सार्थक बनाया जा सकता है।
