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    पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों के पद खाली, शिक्षा व्यवस्था पर गहराया संकट

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 03:26 PM (GMT+05:30)

    पंजाब के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपलों के पद खाली होने से दाखिले, पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। वर्तम ...और पढ़ें

    पंजाब के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपलों के पद खाली होने के कारण स्कूलों में प्रबंधन संकट गंभीर।

    पंजाब के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपलों के पद खाली होने के कारण स्कूलों में प्रबंधन संकट गंभीर।

    HighLights

    1. पंजाब स्कूलों में प्रिंसिपल के पद लंबे समय से खाली

    2. एक प्रिंसिपल पर कई स्कूलों का अतिरिक्त कार्यभार

    3. यूनियन ने सीनियर लेक्चररों को डीडीओ पावर देने की मांग की

    जागरण संवाददाता, फरीदकोट। पंजाब के विभिन्न जिलों में अनेक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपलों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके कारण स्कूलों में नए दाखिले, विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

    इस संबंध में गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब के ध्यान में आया है कि पंजाब सरकार द्वारा स्कूलों के प्रशासनिक कार्य चलाने, स्टाफ की तनख्वाह जारी करने, सेवा पुस्तिकाएं पूरी करने आदि कार्यों के लिए अन्य स्कूलों में कार्यरत स्थायी प्रिंसिपलों को अपने स्कूल के साथ-साथ 4 या 5 अन्य स्कूलों की भी डीडीओ पावर दी गई है।

    इसके कारण प्रिंसिपल भारी मानसिक दबाव में हैं और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुरिंदर कुमार पुआरी, जनरल सचिव जिंदर पायलट, वित्त सचिव नवीन सचदेवा, प्रेस सचिव टहल सिंह सराभा, प्रदेश सलाहकार बलकार वल्टोहा और प्रेम चावला ने कहा कि यदि किसी कानूनी अड़चन के कारण प्रिंसिपलों के खाली पदों को पदोन्नति या सीधी भर्ती के माध्यम से तुरंत नहीं भरा जा सकता, तो तब तक शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को पहल करते हुए पहले की तरह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत सीनियर लेक्चररों को अस्थायी तौर पर डीडीओ पावर दी जानी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि ऐसा करने से स्कूलों के प्रशासनिक कार्यों में सुधार आएगा, दफ्तर स्टाफ और अन्य अध्यापकों को प्रिंसिपल के हस्ताक्षर करवाने के लिए दूसरे स्कूलों में जाने की परेशानी से राहत मिलेगी और प्रिंसिपल के पद भरने तक संबंधित सीनियर लेक्चरर को अस्थायी रूप से प्रिंसिपल के पद के अनुसार वेतन दिया जा सकता है, जिससे सरकार पर अधिक वित्तीय बोझ भी नहीं पड़ेगा।

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    अध्यापक नेताओं ने आगे कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो प्रिंसिपलों को आ रही समस्याओं का समाधान हो जाएगा। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पंजाब सरकार जल्द इस समस्या का समाधान नहीं करती, तो शिक्षा सुधार के सपने साकार नहीं हो पाएंगे। अंत में उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से जोरदार मांग की कि प्रिंसिपलों के सभी खाली पदों को तुरंत भरा जाए और अस्थायी व्यवस्था के तौर पर सीनियर लेक्चररों को तुरंत डीडीओ पावर दी जाए।