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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Anil Masih Profile: कौन हैं अनिल मसीह? सिर्फ चंडीगढ़ चुनाव ही नहीं इन विवादों से भी जुड़ा रहा है नाम

Updated: Tue, 20 Feb 2024 05:56 PM (IST)

Anil Masih Profile चंडीगढ़ पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को आज फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में तलब किया गया। कोर्ट ने उन्हें चंडीगढ़ चुनाव (Chandiga ...और पढ़ें

Anil Masih Profile: कौन हैं अनिल मसीह?
Anil Masih Profile: कौन हैं अनिल मसीह?

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर ऐतिहासिक फैसला दिया है
  2. कोर्ट ने मेयर पद पर हुए चुनाव में पीठासीन अधिकारी अनील मसीह को दोषी माना
  3. अनिल मसीह पिछले दस सालों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चंडीगढ़ इकाई के प्रमुख सदस्य हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने मेयर पद पर हुए चुनाव में पीठासीन अधिकारी अनील मसीह को दोषी माना और 30 जनवरी को हुए चुनाव में आठ अमान्य वोटों को मान्य घोषित किया। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल मसीह को अदालत में बुरी तरह से लताड़ा और चुनाव से संबंधित कई सवालों में घेरा। आइए जानते हैं कौन अनिल मसीह, जिनके सिर पर चुनाव की पूरी जिम्मेदारी थी।

कौन हैं पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह?

अनिल मसीह पिछले दस सालों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चंडीगढ़ इकाई के प्रमुख सदस्य हैं। 53 वर्षीय अनिल मसीह साल 2018 में चंडीगढ़ जिले के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त हुए थे। मसीह चंडीगढ़ नगर निगम के सदस्य भी हैं। वे उन नौ लोगों में शामिल हैं। जिन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं है। मसीह और अन्य आठ लोगों को साल 2022 को नगर निगम में मनोनीत किया गया था।

इस मामले में भी घिरे थे अनील मसीह

साल 2018 में, चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) ने एक समिति की बैठक में कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और यहां तक ​​कि आस्था के खिलाफ बोलने को लेकर उन्हें चर्च से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने से रोक दिया था। हालांकि, दो साल बाद सीएनआई के बिशप, डेन्जेल पीपुल्स द्वारा उन्हें बहाल कर दिया गया था।

वीडियो हुआ था वायरल

चंडीगढ़ मेयर चुनाव के दौरान अनील मसीह का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में वह मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ करते नजर आ रहे थे। वह कैमरे की ओर इधर-उधर देखते हुए कलम चला रहे हैं। इस वीडियो में पीठासीन अधिकारी को देख लग रहा है मानो वह कुछ छिपाना चाह रहे हो। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर से कहा कि मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ हुई है और इसके अंतर्गत अनिल मसीह पर केस चलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इसी वीडियो को मद्देनजर रखते हुए मसीह से सवाल जवाब किए।