ISI के इशारे पर पंजाब में ड्रोन से गिर रहे हथियार, एजीटीएफ का बड़ा खुलासा; विदेशी ठिकानों से चल रहा गैंगस्टर नेटवर्क
एजीटीएफ डीआइजी गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में ड्रोन से अत्याधुनिक हथियार भेज रही है, जिससे गैंगस्टर नेटवर्क क ...और पढ़ें

पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई सीमा पार से भिजवा रही अत्याधुनिक हथियार: चौहान।
HighLights
आईएसआई ड्रोन से पंजाब में भेज रही अत्याधुनिक हथियार
पुलिस ने 61 विदेशी गैंगस्टर ठिकाने किए चिन्हित
युवाओं को बचाने हेतु इंटरनेट मीडिया पर निगरानी
रोहित कुमार, चंडीगढ़। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के डीआइजी गुरमीत सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब में सीमापार से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ड्रोन से भेजे जा रहे अत्याधुनिक हथियार चुनौती बनते रहे हैं।
हाल ही में बरामद कई हथियारों की जांच में यह सामने आया है कि इनका संबंध पाकिस्तान आर्मी के स्रोतों से है। इससे साफ है कि गैंगस्टर नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है। पुलिस ने 61 विदेशी ठिकानों से आपरेट कर रहे गैंगस्टरों की पहचान की है।
इन्हें भारत लाने के लिए ओएफटीइसी (ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल) काम कर रहा है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि युवा गैंगस्टरों के निशाने पर हैं। इसलिए पुलिस अब इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवाओं की पहचान कर उनकी काउंसलिंग और निगरानी की रणनीति पर भी काम कर रही है।
पुलिस ऐसे युवाओं पर नजर रखेगी जो गैंगस्टर या आपराधिक पेज फालो करते हैं। उनके कमेंट, एक्टिविटी और आइपी यूआइडी ट्रैक की जाएगी। इसके बाद अभिभावकों को शामिल कर उन्हें समझाने की कोशिश होगी। यदि कोई युवा इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एजीटीएफ ने इंटरनेट मीडिया पर भी बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 643 पेज ब्लाक किए जा चुके हैं। अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने बताया कि एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी पुलिस के लिए मजबूत हथियार बनकर उभरी है।
खबरें और भी
बीते दिनों चंडीगढ़ में हुए मर्डर के आरोपितों का इनपुट भी इसी हेल्पलाइन से मिला। जनवरी 2026 से अब तक 590 इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर 63 एफआइआर दर्ज की गईं और 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
नाबालिगों को बना रहे टूल
गुरमीत चौहान ने बताया कि गैंगस्टर अब नाबालिगों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर जो युवक गैंगस्टर पेज फालो करते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाता है। युवाओं को पैसे, ड्रग्स और विदेश में बसाने का लालच देकर अपराध में इस्तेमाल किया जाता है।