निलंबित DIG भुल्लर और बिचौलिए पर चलेगा भ्रष्टाचार का मुकदमा, CBI विशेष अदालत में आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी खारिज
निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की आरोपमुक्त करने की अर्जी सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दी ...और पढ़ें

निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सीबीआई की विशेष अदालत से झटका।
HighLights
भुल्लर और कृष्णु ने आरोप मुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की थी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 23 अप्रैल से ट्रायल शुरू होगा।
रिश्वत, आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में पकड़े गए पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके साथी बिचौलिए कृष्णु शारदा को सीबीआई की विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने दोनों आरोपित की डिस्चार्ज एप्लीकेशन यानी आरोपमुक्त किए जाने की अर्जी खारिज कर दी।
अदालत ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए। अब इनके खिलाफ 23 अप्रैल से ट्रायल शुरू होगा। अदालत ने पहली सुनवाई पर दो गवाहों को समन भी जारी कर दिए हैं। भुल्लर और कृष्णु ने आरोप मुक्त किए जाने की अर्जी दाखिल की थी।
उनका कहना था कि सीबीआई ने उन्हें अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर गिरफ्तार किया। कानूनन सीबीआई इन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती थी। भुल्लर के वकील ने दलील दी कि वह पंजाब सरकार के अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का अधिकार सीबीआई के पास नहीं था।
इसके अलावा उन्हें मोहाली स्थित उनके ऑफिस से पकड़ा गया था जबकि सीबीआई पंजाब में ऐसी कार्रवाई नहीं कर सकी। हालांकि सीबीआई के सरकारी वकील ने नरेंद्र सिंह ने इस अर्जी का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सीबीआई ने केवल मोहाली ऑफिस से उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था जबकि उन्हें सीबीआई के सेक्टर-30 चंडीगढ़ स्थित कार्यालय ले जाया गया।
वहां उनसे पूछताछ की गई और तथ्य साबित होने के बाद उन्हें चंडीगढ़ में ही गिरफ्तार किया गया जोकि सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में आता है। सीबीआई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के भुल्लर और कृष्णु की डिस्चार्ज एप्लीकेशन काे खारिज कर दिया।
अदालत ने कहा कि पहली नजर में दोनों आरोपितों के खिलाफ केस बनता है और इनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के लिए सीबीआई के पास काफी सबूत हैं। इसलिए अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय कर दिए।
मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी से मांग रहे थे रिश्वत
पिछले साल सीबीआई ने मंडी गोबिंदगढ़ के एक व्यापारी आकाश बत्ता की शिकायत पर भुल्लर और कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। बत्ता का आरोप था कि उन्हें एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे आठ लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी।
सीबीआई ने गिरफ्तारी के बाद भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर पर रेड की थी। सीबीआई काे भुल्लर के घर से साढ़े सात करोड़ रुपये कैश, करीब ढाई किलो सोना और महंगी घड़ियां बरामद हुई थी। ऐसे में सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का भी केस दर्ज किया था। भुल्लर के खिलाफ ईडी ने भी मनी लाॅन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है।
