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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में मुख्य साजिशकर्ता जोगा को झटका, हाई कोर्ट ने नहीं दी जमानत

Published: Fri, 04 Sep 2026 06:54 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपित जोगिंदर सिंह उर्फ जोगा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: मुख्य साजिशकर्ता बताए गए जोगा को हाई कोर्ट से जमानत नहीं।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: मुख्य साजिशकर्ता बताए गए जोगा को हाई कोर्ट से जमानत नहीं।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने जोगिंदर सिंह उर्फ जोगा की जमानत याचिका खारिज की

  2. शूटरों को पनाह देने और हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है

  3. आरोपित का 20 आपराधिक मामलों का लंबा इतिहास है

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपित जोगिंदर सिंह उर्फ जोगा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने आरोपित की कथित भूमिका, आपराधिक पृष्ठभूमि और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि जमानत मिलने पर उसके फरार होने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने यह आदेश सुनाया।

गोल्डी बराड़ के कहने पर शूटरों को पनाह देने का आरोप

मामला मानसा के सिटी-1 थाने में 29 मई 2022 को दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। प्राथमिकी सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह के बयान पर दर्ज की गई थी। इसमें हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश समेत भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम तथा जेल अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में जोगिंदर सिंह की भूमिका को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया।

अभियोजन के अनुसार, जांच में सामने आया कि जोगिंदर सिंह ने गोल्डी बराड़ के कहने पर मूसेवाला की हत्या में शामिल शूटरों प्रियव्रत उर्फ फौजी, अंकित उर्फ सरसा, कशिश उर्फ कुलदीप और दीपक मुंडी को हत्या से पहले ठिकाना और सुरक्षित पनाह उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा उस पर सह-आरोपित राजिंदर सिंह उर्फ जोकर को 30 बोर की पिस्तौल उपलब्ध कराने का भी आरोप है।

अदालत ने माना, साजिश में महत्वपूर्ण कड़ी

हाई कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री पर विचार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को हत्या की साजिश में प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक बताया गया है। अदालत ने उसकी कथित भूमिका को महज सहयोग तक सीमित नहीं माना। उसके द्वारा शूटरों को शरण देने और सह-आरोपित को हथियार उपलब्ध कराने के आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपित का नाम मामले में सामने आने के बाद वह फरार रहा और बाद में उसे भगोड़ा घोषित किया गया।

20 मामलों का आपराधिक इतिहास भी बना जमानत में बाधा

राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि जोगिंदर सिंह के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, हथियार अधिनियम, मादक पदार्थों से जुड़े अपराध समेत कई गंभीर आरोप शामिल हैं। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी 26 जून 2023 को हुई थी।

हाई कोर्ट ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीरता और आरोपित के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसे जमानत देना उचित नहीं है। अदालत ने न्याय से फरार होने के साथ-साथ साक्ष्यों से छेड़छाड़ और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को भी महत्वपूर्ण माना। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने जोगिंदर सिंह उर्फ जोगा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।