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    रूरल पंजाब में हर पांच में एक युवा बेरोजगार, राष्ट्रीय औसत से दोगुना आंकड़ा; डिग्री के बाद भी नौकरी नहीं

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 01:41 PM (IST)

    पंजाब में युवा बेरोजगारी दर 19.3 प्रतिशत पहुंच गई है, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और खराब है, जहां रोजगार की कमी से युवाओ ...और पढ़ें

    राज्य में खासकर शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पर्याप्त नहीं हैं। (ये AI जनरेटेड इमेज है)

    राज्य में खासकर शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पर्याप्त नहीं हैं। (ये AI जनरेटेड इमेज है)

    HighLights

    1. पंजाब में युवा बेरोजगारी दर 19.3%, राष्ट्रीय औसत से दोगुनी।

    2. ग्रामीण पंजाब में 22.5% युवा बेरोजगार, गंभीर चिंता का विषय।

    3. औद्योगिक विकास, कौशल की कमी मुख्य कारण; पलायन बढ़ा।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) 2025 (जनवरी-दिसंबर) के ताजा आंकड़ों ने पंजाब में रोजगार की स्थिति को लेकर गंभीर तस्वीर पेश की है। सर्वे के अनुसार, राज्य में 15 से 29 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 19.3 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 9.9 प्रतिशत से लगभग दोगुनी है।

    यह संकेत देता है कि राज्य में खासकर शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पर्याप्त नहीं हैं। पंजाब के संदर्भ में सबसे चिंताजनक पहलू ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति है, जहां युवा बेरोजगारी दर 22.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसका मतलब है कि गांवों में रहने वाले हर पांच में से लगभग एक युवा रोजगार से वंचित है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि पर अत्यधिक निर्भरता, औद्योगिक विकास की धीमी रफ्तार और स्किल-आधारित नौकरियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।

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    योग्यता के अनुरूप नौकरियां नहीं

    शिक्षित युवाओं पर इसका असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। डिग्री हासिल करने के बावजूद युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। इससे न केवल आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, बल्कि युवाओं में निराशा और पलायन की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। पंजाब से बड़ी संख्या में युवाओं का विदेश जाने का रुझान इसी स्थिति का परिणाम माना जा रहा है।

    तुलनात्मक रूप से देखें तो पड़ोसी राज्य हरियाणा में युवा बेरोजगारी दर 11.8 प्रतिशत है, जो पंजाब से कम है, लेकिन फिर भी राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है। वहीं हिमाचल प्रदेश में यह दर 29.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो क्षेत्र में रोजगार संकट की व्यापकता को दर्शाती है।

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    रोजगार संकट सबसे ज्यादा युवाओं के बीच केंद्रित

    देशभर की बात करें तो 15-29 वर्ष के युवाओं के लिए कुल बेरोजगारी दर 9.9 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि समग्र बेरोजगारी दर 3.1 प्रतिशत रही। यह अंतर स्पष्ट करता है कि रोजगार का संकट सबसे ज्यादा युवाओं के बीच केंद्रित है।

    विशेषज्ञों का सुझाव है कि पंजाब को इस चुनौती से निपटने के लिए औद्योगिक निवेश बढ़ाने, कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता लाने की जरूरत है। इसके साथ ही स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देना भी अहम होगा, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।

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