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    विश्व हाइपरटेंशन दिवस: पंजाब में बढ़ रहा साइलेंट किलर का खतरा, 1 करोड़ लोगों की जांच, लाखों मरीज इलाज से जुड़े

    Updated: Mon, 18 May 2026 08:00 AM (IST)

    पंजाब सरकार ने उच्च रक्तचाप से निपटने के लिए बड़े स्तर पर जांच और इलाज अभियान शुरू किया है। राज्य में एक करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पंजाब में 1 करोड़ से अधिक लोगों की हाइपरटेंशन स्क्रीनिंग।

    2. 24 लाख मरीज उपचार से जुड़े, कैशलेस इलाज उपलब्ध।

    3. 'सीएम दी योगशाला' से तनाव प्रबंधन, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) जैसे ‘साइलेंट किलर’ रोग से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने रोकथाम, समय पर पहचान और कैशलेस इलाज पर जोर बढ़ा दिया है। विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर सरकार ने दावा किया कि राज्य में एक करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि 24 लाख लोगों को इलाज से जोड़ा गया है।

    स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह ने बताया कि 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की नियमित जांच राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और 990 आम आदमी क्लीनिकों में की जा रही है। जांच में उच्च रक्तचाप पाए जाने पर मरीजों को तुरंत उपचार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मासिक फॉलोअप, मुफ्त दवाइयां और जरूरत पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार भारत में खराब खानपान, तनाव, तंबाकू सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और अनियमित दिनचर्या के कारण हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ रहा है। डाक्टरों के अनुसार यह बीमारी बिना स्पष्ट लक्षणों के स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

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    ‘सीएम दी योगशाला’ से मिली राहत

    मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत ऐसे मरीजों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत उच्च रक्तचाप से जुड़ी जटिलताओं जैसे स्ट्रोक, हृदय रोग और किडनी संबंधी आपात स्थितियों में कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे मध्यम वर्ग, पेंशनरों और सरकारी कर्मचारियों को महंगे इलाज के खर्च से राहत मिली है।

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    सरकार ने रोकथाम के लिए ‘सीएम दी योगशाला’ अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत राज्यभर में 10,600 से अधिक योग कक्षाएं संचालित हो रही हैं और करीब तीन लाख लोग इसमें भाग ले चुके हैं। योग, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली के जरिए लोगों को हाइपरटेंशन जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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    98 वर्ष तक के हाइपरटेंशन के मरीज 

    राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार पटियाला, मोहाली होशियारपुर, जालंधर और फरीदकोट में हाइपरटेंशन के मामले अधिक सामने आए हैं। गुरदासपुर में 94 वर्ष तक और एसएएस नगर में 98 वर्ष तक के मरीज दर्ज किए गए हैं। अमृतसर और लुधियाना में 50 से 77 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में भी मामले अधिक पाए गए हैं।

    राजिंदरा अस्पताल पटियाला के कार्डियोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. सौरभ शर्मा ने कहा कि अब यह बीमारी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। किशोरों, युवाओं और 20-30 वर्ष आयु वर्ग में भी मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तनाव, खराब खानपान और व्यायाम की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। समय पर इलाज नहीं होने पर स्थिति जानलेवा बन सकती है।

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