Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    तीन नेवी अफसरों की ईरान से रिहाई की मांग, हाईकोर्ट 27 जुलाई को करेगा सुनवाई; ईंधन तस्करी के आरोप में पकड़े गए थे

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 12:03 PM (IST)

    ईरान में कथित ईंधन तस्करी मामले में फंसे तीन भारतीय नौसेना अधिकारियों की रिहाई और वापसी के लिए दायर याचिका पर हाईकोर्ट 27 जुलाई को सुनवाई करेगा। याचिक ...और पढ़ें

    नौसेना अफसरों की रिहाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका।

    नौसेना अफसरों की रिहाई की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका।

    HighLights

    1. कैप्टन अशोक कुमार समेत तीन अफसरों की वापसी की मांग।

    2. कथित ईंधन तस्करी मामले में 5 साल की सजा भुगत रहे।

    3. विदेश मंत्रालय, डीजी शिपिंग को कार्रवाई के निर्देश की मांग।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। ईरान में कथित ईंधन तस्करी के मामले में सजा भुगत रहे जहाज एमटी ग्लोबल चेरीलिन के तीन भारतीय अधिकारियों की रिहाई और भारत वापसी को लेकर दायर याचिका पर 27 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

    याचिका में विदेश मंत्रालय (एमईए) और महानिदेशालय शिपिंग (डीजी शिपिंग) को तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई है। मामला जहाज के कैप्टन अशोक कुमार, चीफ ऑफिसरविकास मलिक और सेकेंड ऑफिसर अरविंद कुमार बिंद से जुड़ा है।

    तीनों नौसेना अफसरों को ईरान की अदालत ने पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, एक समुद्री विशेषज्ञ की जांच में यह निष्कर्ष सामने आया कि संबंधित पोत कथित घटना के दौरान ईरानी समुद्री सीमा में प्रवेश नहीं किया था।

    कुल 21 सदस्यीय चालक दल में से 18 सदस्यों को भारत सरकार के राजनयिक प्रयासों के बाद पहले ही रिहा कर दिया गया था। तीनों अधिकारियों को नवंबर 2025 में सशर्त पैरोल मिली थी, लेकिन भारत-ईरान द्विपक्षीय कैदी हस्तांतरण समझौते के तहत उनकी वापसी की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी।

    खबरें और भी

    याचिका में यह भी कहा गया है कि ईरानी अधिकारी बकाया जुर्माने की राशि को अतिरिक्त कारावास में बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे तीनों अधिकारियों के लंबे समय तक जेल में रहने का खतरा बढ़ गया है। यह याचिका कैप्टन अशोक कुमार के पिता ने दायर की है।